खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की 17 साल बाद हुई घर वापसी, ढाका एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में जुटे समर्थक

17 साल के निर्वासन के बाद बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान अपनी पत्नी और बेटी के साथ ढाका पहुंचे। उनकी वापसी ऐसे समय में हुई है जब देश युवा नेता शरीफ ओसमान हादी की हत्या के बाद हुई हिंसा से जूझ रहा है। एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और पार्टी का दावा है कि करीब 50 लाख कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए जुटे हैं।

HighLights
- 17 साल बाद तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी
- समर्थकों का ढाका एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत
- बीमार मां खालिदा जिया से अस्पताल में मिलेंगे
लंदन में 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान अपनी पत्नी और बेटी के साथ गुरुवार को ढाका पहुंच गए हैं।
यह वापसी ऐसे समय में हुई है जब देश युवा नेता शरीफ ओसमान हादी की हत्या के बाद हुई हिंसा से जूझ रहा है। हादी की मौत ने पूरे बांग्लादेश में तनाव बढ़ा दिया है और इसी बीच गृह मंत्रालय के एक विशेष सहायक ने इस्तीफा दे दिया है।
तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं और बीएनपी के प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। पार्टी कार्यकर्ता उन्हें भव्य स्वागत देने की तैयारी में जुटे हैं। लाखों समर्थक सर्दी की ठंड को चुनौती देते हुए ढाका एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों में जमा हो रहे हैं।
तारिक रहमान की वापसी की तैयारी
बांग्लादेश की सरकारी एयरलाइन एक फ्लाइट तारिक रहमान, उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान को लेकर ढाका पहुंचे हैं। यह फ्लाइट पहले सिलहट के ओस्मानी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रुकी, जहां सुबह करीब 10 बजे लैंडिंग हुई। इसके बाद ढाका के हजरत शाहजहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची।
एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अंतरिम सरकार ने बीएनपी की मांग पर पूरा सहयोग देने का वादा किया है। पार्टी का दावा है कि करीब 50 लाख कार्यकर्ता और समर्थक ढाका में जुटे हैं।
एयरपोर्ट से तारिक रहमान सीधे पूर्वांचल के 300 फीट रोड पर आयोजित स्वागत समारोह में जाएंगे, जहां वे संक्षिप्त भाषण देंगे। उसके बाद वे अपनी बीमार मां खालिदा जिया से अस्पताल में मिलने जाएंगे।
हादी की हत्या के बांग्लादेश में तनाव की उठती लपटें
देश में तनाव का मुख्य कारण युवा नेता शरीफ ओसमान हादी की मौत है। हादी पिछले साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे। 12 दिसंबर को ढाका में मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादी की मौत की खबर फैलते ही पूरे देश में हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख अखबारों द डेली स्टार और प्रथम आलो के दफ्तरों पर हमला किया और आग लगा दी। कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई और एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। बुधवार को ढाका के मोगबाजार इलाके में एक फ्लाईओवर से बॉम्ब फेंके जाने की घटना सामने आई।
गृह मंत्रालय में इस्तीफा
हादी की हत्या की जांच में देरी और सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी के आरोपों के बीच गृह मंत्रालय के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने गृह मामलों के सलाहकार और अन्य अधिकारियों के इस्तीफे की मांग की थी। अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह जल्द से जल्द हत्यारों को पकड़े और न्याय सुनिश्चित करे।
तारिक रहमान की वापसी को बीएनपी एक बड़ा राजनीतिक मौका मान रही है। फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले उनकी मौजूदगी पार्टी को मजबूती देगी। लेकिन देश में जारी अशांति और हिंसा की घटनाएं सबकी चिंता बढ़ा रही हैं। सरकार ने शांति की अपील की है और सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के आदेश दिए हैं।



