खाप पंचायत ने परिवार को गांव से निकाला, मदद करने पर 11,000 का जुर्माना; क्या है पूरा मामला?

उदयपुर के वीरपुरा गांव में खाप पंचायत ने रतनलाल पटेल के परिवार को गांव से बेदखल कर दिया है। पंचायत ने परिवार से बात करने या उनके स्टोर से सामान लेने पर ₹5,100 और मदद करने पर ₹11,000 का जुर्माना लगाया। यह विवाद बाउंड्रीवॉल निर्माण को लेकर शुरू हुआ था। पीड़ित ने कलेक्टर और एसपी से शिकायत की है, लेकिन FIR दर्ज होने के बावजूद छह दिन से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परिवार डरा हुआ है।
राजस्थान के उदयपुर जिले में ओगणा पंचायत समिति के वीरपुरा गांव में एक परिवार को खाप पंचायत के फैसले के तहत गांव से बेदखल किए जाने का मामला सामने आया है।
पंचायत ने परिवार के किसी सदस्य द्वारा उनसे बातचीत करने या उनके किराना स्टोर से सामान लेने पर 5,100 रुपए और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग करने पर 11,000 रुपए जुर्माना तय किया।
खाप पंचायत ने उदयपुर के परिवार को गांव से बेदखल किया
पीड़ित रतनलाल पटेल ने कलेक्टर और एसपी को सुनाई पीड़ा में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रतनलाल का कहना है कि वे दिनेश जैन के अधीन बाउंड्रीवॉल का काम कर रहे थे, जिसे लेकर कुछ ग्रामीणों ने अवैध कब्जे का आरोप लगाकर विरोध किया।
रतनलाल ने विरोध के बाद काम रोक दिया, फिर भी पंचायत ने उनके हुक्का-पानी बंद करने और आर्थिक जुर्माना लगाने का निर्णय किया।
FIR के बावजूद कार्रवाई नहीं, पीड़ित परिवार को धमकियां
इस मामले में 26 दिसंबर को प्रकरण दर्ज किया गया, लेकिन छह दिन बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। रतनलाल ने बताया कि उन्हें, उनकी पत्नी और बेटे को धमकियां मिल रही हैं, जिससे वे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे।



