“राहत की रौशनी” — जब सरकार ने सुन ली बिजली उपभोक्ताओं की पुकार

उत्तर प्रदेश की गलियों में लंबे समय से कई घरों की खिड़कियाँ अंधेरे में डूबी थीं। बिजली के बकायों का बोझ उनके सिर पर किसी पहाड़ जैसा था। लेकिन नवंबर की इस सुबह एक खबर ने उन घरों में उम्मीद की नई किरण जलाई — “बिजली बिल राहत योजना 2025” लागू हुई है।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की आवाज में सच्चा विश्वास झलक रहा था — “जनता की सुविधा सर्वोपरि है।” यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में रोशनी लाने का प्रयास था।
तीन चरणों में छूट का प्रावधान इस तरह रखा गया कि जो जल्दी आगे आएगा, उसे अधिक राहत मिलेगी। यह एक प्रेरक सन्देश था — “जो समय पर कदम बढ़ाएगा, उसके घर रोशनी पहले लौटेगी।”
गरीब और मध्यम वर्ग के लिए EMI सुविधा किसी संजीवनी की तरह है। यह योजना केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि सम्मान लौटाने की पहल है।
बिजली निगमों की वसूली बढ़ेगी, सरकार का राजस्व सुधरेगा और सबसे बड़ी बात — जनता और शासन के बीच विश्वास की डोर और मजबूत होगी।



