“उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव”

🌾 नई राह की ओर: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का रूपांतरण
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक धारा में इन दिनों एक नया प्रवाह जन्म ले रहा है। यह प्रवाह पारदर्शिता, तकनीक और व्यवस्था के संगम से निर्मित है। वर्षों से चले आ रहे होमगार्ड एनरोलमेंट के पारंपरिक ढांचे में अब एक बड़ा परिवर्तन किया गया है। शासन के नए आदेश ने इस प्रक्रिया को आधुनिकता की दिशा में अग्रसर कर दिया है — अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) होमगार्ड्स की भर्ती कराएगा।
यह परिवर्तन केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है; यह व्यवस्था के पुनर्जागरण की घोषणा है। अब भर्ती की डोर किसी एक जिले के हाथों में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक समान मंच पर बंधी होगी।
🔹 बदलाव की आहट
3 नवम्बर 2025 का दिन, लखनऊ सचिवालय के गलियारों में एक नए आदेश की प्रतिध्वनि लेकर आया। शासनादेश संख्या 60/2025/1780/पंचानबे 2025-08 प्रकीर्ण/2012 ने जैसे पुराने ढर्रे को विदा कहा और एक नए युग की शुरुआत की।
अब होमगार्ड्स का एनरोलमेंट पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से होगा — एक ऐसा संस्थान जो वर्षों से लाखों युवाओं को वर्दी की ओर अग्रसर करता आया है।
भर्ती की इस नई प्रणाली में पारदर्शिता की किरण है, तकनीक का उजाला है और युवाओं की उम्मीदों का स्पंदन है।
🔹 डिजिटल युग की नई चौखट
अब उम्मीदवारों को किसी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। आवेदन की पहली सीढ़ी है वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) — एक ऐसा डिजिटल द्वार जहाँ हर अभ्यर्थी की पहचान दर्ज होगी।
वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर उम्मीदवार अपने विवरण, प्रमाणपत्र, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करेंगे। यह प्रक्रिया केवल तकनीकी नहीं, बल्कि भरोसे की नींव है। एक बार पंजीकरण पूरा होते ही उम्मीदवार भर्ती प्रणाली का स्थायी हिस्सा बन जाएगा।
OTR के माध्यम से तैयार होगा एक केंद्रीकृत डेटा-बैंक — जैसे किसी विशाल पुस्तकालय में हर नाम, हर जानकारी सुव्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखी गई हो।
🔹 सुविधा, पारदर्शिता और विश्वास
भर्ती बोर्ड का कहना है कि यह कदम भर्ती की पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। पहले जिलास्तर पर होने वाली चयन प्रक्रियाएँ कई बार सवालों के घेरे में आती थीं — अब हर आवेदन, हर सत्यापन और हर चयन ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा।
अब उम्मीदवार को किसी “सिफ़ारिश” या “संपर्क” की नहीं, केवल अपनी योग्यता और तैयारी की आवश्यकता होगी।
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने सादे शब्दों में कहा —
“हम चाहते हैं कि हर योग्य युवक और युवती को समान अवसर मिले। प्रक्रिया अब पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।”
उनके इन शब्दों में केवल आश्वासन नहीं, एक भरोसा झलकता है — कि प्रशासन अब जनता के और निकट हो रहा है।
🔹 उम्मीदवारों की उम्मीदें
उत्तर प्रदेश के हर कोने से, छोटे कस्बों और गाँवों से अब युवा ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। एक किसान का बेटा, एक मजदूर की संतान, एक छात्र जो अब तक लखनऊ या जिला कार्यालय तक नहीं पहुँच पाता था — वह अब अपने घर के मोबाइल से पंजीकरण कर सकेगा।
यह परिवर्तन केवल सुविधा का नहीं, समान अवसर का भी प्रतीक है।
गाँवों में होमगार्ड की वर्दी आज भी सम्मान और सेवा का प्रतीक मानी जाती है। युवाओं के दिल में यह पद केवल नौकरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है — अपने समाज, अपने राज्य की रक्षा करने का संकल्प।
🔹 नई राह का आरंभ
भर्ती बोर्ड ने वेबसाइट पर उम्मीदवारों की सुविधा के लिए FAQ सेक्शन, वीडियो लिंक और मार्गदर्शिका भी जोड़ी है। आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी शीघ्र ही जारी की जाएगी।
आधिकारिक पोर्टल्स —
🔗 uppbpb.gov.in
🔗 upprpb.in
🔗 apply.upprpb.in
बोर्ड ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी से दूर रहें।
🔹 एक व्यापक दृष्टि
यह बदलाव केवल भर्ती प्रक्रिया का रूपांतरण नहीं है, बल्कि शासन की सोच में हुए बदलाव का भी प्रतीक है। जहाँ पहले कागज़ी फाइलें और स्थानीय नियंत्रण थे, अब वहाँ डिजिटल सिस्टम और केंद्रीकृत पारदर्शिता है।
उत्तर प्रदेश की शासन व्यवस्था ने यह दिखा दिया है कि जब इच्छाशक्ति और तकनीक मिलती है, तो व्यवस्था बदलती है, और उसके साथ नागरिकों का भरोसा भी।
नई सुबह की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश अब तकनीक की रौशनी में अपना प्रशासनिक चेहरा निखार रहा है।
होमगार्ड भर्ती की यह नई प्रक्रिया केवल एक सरकारी निर्णय नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास, उम्मीद और अवसर की नई कहानी है —
जहाँ पारदर्शिता है, वहीं भविष्य की दिशा भी।



