नीति परिवर्तन का अर्थ — क्यों बढ़ाई गई शिक्षा सेवा चयन आयोग अध्यक्ष की योग्यता

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद की योग्यता में किया गया संशोधन प्रशासनिक दृष्टि से एक संरचनात्मक सुधार (Structural Reform) के रूप में देखा जा रहा है।
पहले यह पद केवल IAS अधिकारियों तक सीमित था। लेकिन नई व्यवस्था में IPS, IFS जैसे अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इस भूमिका में आ सकते हैं।
परिवर्तन के कारण
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प्रशासनिक विविधता की आवश्यकता — शिक्षा क्षेत्र में निर्णय केवल नीति नहीं, अनुशासन और संसाधन प्रबंधन से भी जुड़ा होता है।
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मानव संसाधन का व्यापक उपयोग — राज्य के पास कई अनुभवी अधिकारी हैं जो शिक्षण, प्रशासन और प्रबंधन में दक्ष हैं।
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तेज़ निर्णय प्रणाली — आयोग की जिम्मेदारियाँ (शिक्षक भर्ती, चयन परीक्षा, नियुक्ति आदि) बढ़ती जा रही हैं। विविध अनुभव वाले अधिकारी इस प्रक्रिया को अधिक दक्ष बना सकते हैं।
संभावित प्रभाव
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सकारात्मक: निर्णय लेने में बहुआयामी दृष्टिकोण, पारदर्शिता और कार्यक्षमता में सुधार।
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संभावित चुनौतियाँ: शिक्षा क्षेत्र की विशिष्ट जटिलताओं को समझने में गैर-शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों को समय लग सकता है।
निष्कर्ष
यह निर्णय केवल पद की योग्यता का विस्तार नहीं, बल्कि शासन की सोच में परिवर्तन का संकेत है — कि शिक्षा अब केवल अकादमिक सीमाओं में नहीं, बल्कि प्रशासनिक विविधता के सहयोग से आगे बढ़ेगी।



