सर्दियों में बाजरे की रोटी
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सर्दियों में बाजरा बना सेहत की ढाल, डायबिटीज से दिल तक सभी के लिए फायदेमंद

हड्डियों को मजबूत बनाता है बाजरा, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क।

मनोज कुमार सोनी! जयपुर बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाता. ऐसे में डायबिटीज के मरीजों के लिए सर्दियों के मौसम में इसका सेवन लाभदायक माना जा सकता है।बाजरा कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस का बेहतरीन स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से राहत दिला सकता है।

बाजरा में पाए जाने वाले तत्व कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम किया जा सकता है. नियमित रूप से इसकी रोटी खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखा जा सकता है. दिल को स्वस्थ रखने के लिए बाजरा फायदेमंद माना जा सकता है.

प्रतिरक्षा शक्ति: सर्दियों के समय शरीर को मजबूत इम्युनिटी की जरूरत होती है. बाजरा एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मौसमी बीमारियों से बचाव करता है. पाचन स्वास्थ्य: बाजरा फाइबर युक्त होता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. यह पेट की सफाई करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.

वजन कम करने में मदद: मोटापे से परेशान लोगों के लिए बाजरा एक बेहतर विकल्प माना जाता है. यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है, जिससे ओवरईटिंग की समस्या कम होती है और वजन नियंत्रित रहता है. ग्लूटेन-फ्री अनाज: जो लोग ग्लूटेन एलर्जी से परेशान रहते हैं, उनके लिए बाजरा आदर्श विकल्प बन सकता है. यह शरीर को पौष्टिकता देता है बिना किसी दुष्प्रभाव के.

बाजरे में मौजूद प्रोटीन, जिंक और आयरन त्वचा को ग्लोइंग बनाने और बालों को मजबूती देने में सहायक माने जाते हैं. ठंड में स्किन ड्राई होने की समस्या भी कम होती है. एनिमिया में राहत: आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया की समस्या में बाजरा लाभ दे सकता है. खासकर महिलाओं के लिए इसके सेवन की सलाह कई विशेषज्ञ देते हैं.

गर्भवस्था में फायदेमंद: गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्वों की अधिक जरूरत होती है. बाजरा शरीर की जरूरतों को पूरा करता है और ऊर्जा भी प्रदान करता है. बाजरा में फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं. इससे कैंसर का खतरा कम हो सकता है।डिटॉक्सिफिकेशन: बाजरा शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. इससे लिवर हेल्थ भी बेहतर रहती है.

बच्चों के विकास में सहायक: बढ़ते बच्चों को ऊर्जा और प्रोटीन की जरूरत होती है. बाजरे से बनी खिचड़ी, हलवा या रोटी उनके विकास में सहायक साबित हो सकती है।गुर्दे के लिए फायदेमंद: इसमें मौजूद मैग्नीशियम किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है और पथरी बनने से रोकने में सहायक हो सकता है।

आंखों के लिए लाभकारी: बाजरे में बीटा-केरोटीन पाया जाता है, जो आंखों के लिए अच्छा माना जाता है और नजर कमजोर होने के खतरे को कम कर सकता है। मानसिक स्वास्थ्य: बाजरे में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो मूड सुधारने और तनाव कम करने में सहायक होता है. यह नींद भी बेहतर करता है।

सर्दियों की ऊर्जा: ठंड में शरीर को अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है और बाजरा ऊर्जा का बढ़िया स्रोत है. गांवों में लोग आज भी ठंड के मौसम में बाजरी की रोटी, खीच और खीर बनाकर खाते हैं। कृषि के लिए लाभकारी: बाजरा कम पानी में उगने वाली फसल है. सूखे इलाकों में किसानों की आमदनी का मजबूत आधार बनता है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करता है।

प्रधानमंत्री द्वारा मिलेट्स को बढ़ावा: भारत में ‘श्री अन्न’ यानी मोटे अनाजों को वैश्विक पहचान दिलाने पर सरकार जोर दे रही है. विश्व स्तर पर मिलेट्स को सुपरफूड के रूप में मान्यता मिल रही है। रोटी, खिचड़ी, दलिया, हलवा, चीला बनाकर खा सकते हैं।सूप और सलाद में मिलाकर पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है।सुबह नाश्ते में बाजरे से बने व्यंजन,रात में गरम रोटी और गुड़ के साथ खाने पर पाचन बेहतर

पथरी के मरीज डॉक्टर की सलाह से खाएं बाजरा सर्दियों में सेहत की मजबूत ढाल है। पुरानी देसी परंपरा और आधुनिक विज्ञान दोनों इसके फायदे गिनते हैं. नियमित सेवन से शरीर मजबूत, रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और जीवनशैली रोगों से सुरक्षा मिलती है।

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