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अब कैब कंपनियां नहीं तय कर पाएंगी किराया, परिवहन विभाग ने लागू किया नया नियम; पूरी डिटेल

राजस्थान सरकार ने कैब सेवाओं के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब कैब का किराया राज्य सरकार तय करेगी, कंपनियां नहीं। बिना उचित कारण यात्रा रद्द करने पर चालक या यात्री पर अधिकतम सौ रुपये का जुर्माना लगेगा। कैब कंपनियों को परिवहन विभाग से पांच साल का लाइसेंस लेना होगा और चालकों का स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा कराना अनिवार्य होगा। वाहनों की अधिकतम आयु सीमा भी तय की गई है।

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HighLights

  1. कैब का किराया अब राज्य सरकार तय करेगी।
  2. बिना कारण यात्रा रद्द करने पर जुर्माना लगेगा।

 राजस्थान में अब कैब चालक मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगे। किराया अब कैब मालिक नहीं राज्य सरकार तय करेगी।

बिना उचित कारण के यात्रा रद करने पर चालक अथवा यात्री पर अधिकतम एक सौ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालक को जुर्माना अदा करना होगा।

चालक का लाइसेंस भी रद हो सकेगा। कैब संचालन करने वाली कंपनियों को परिवहन विभाग पांच वर्ष तक का लाइसेंस देगा। पांच वर्ष की अवधि पूरी होने पर लाइसेंस का नवीनीकरण करवाना होगा। लाइसेंस के लिए दस हजार रुपये आवेदन शुल्क तय किया गया है।

कैब का किराया अब राज्य सरकार तय करेगी

अधिकतम पांच लाख रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश में गिग वर्कर्स के लिए नीति जारी की है। नीति में कैब संचालन को लेकर गाइडलाइन तय की गई है।

नीति के अनुसार वाहन मालिक को तय किराए की 80 फीसदी राशि मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सप्ताह में सभी सात दिन 14 घंटे नियंत्रण कक्ष काम करेगा।

बिना कारण यात्रा रद्द करने पर जुर्माना लगेगा

नीति के अनुसार कैब का संचालन करने वाली कंपनियों को चालक के लिए पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा एवं दस लाख रुपये कक का दुर्घटना बीमा करवाना होगा।

किसी भी वाहन को कैब के रूप में आठ साल से अधिक समय तक के लिए नहीं चलाया जा सकेगा।

चालकों के लिए बीमा और कंपनियों को लाइसेंस अनिवार्य

इससे अधिक समय तक वाहन का संचालन करने पर कंपनी का लाइसेंस तीन माह तक निलंबित किया जा सकेगा।

एक वित्तीय वर्ष में तीन बार निलंबन होने अथवा गंभीर अपराध की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद किया जा सकेगा। कैब संचालन करने वाली कंपनियों के लिए प्रदेश में कार्यालय खोलना अनिवार्य होगा।

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