अंतरराष्ट्रीय

AI से बनाया जा रहा न्यूड फोटो, डिजिटल ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए नाबालिग ने की खुदकुशी

यूएस में 16 वर्षीय किशोर ने AI-जनरेटेड न्यूड तस्वीरों के ब्लैकमेल के कारण आत्महत्या कर ली। न्यूडिफाई जैसे AI एप्स के इस्तेमाल से डिजिटल ब्लैकमेलिंग बढ़ रही है, जिससे 14-17 वर्ष के लड़कों को निशाना बनाया जा रहा है।

HighLights

  1. US में 16 वर्षीय किशोर ने की आत्महत्या।
  2. AI-जनरेटेड न्यूड तस्वीर से ब्लैकमेल किया गया।
  3. FBI ने AI सेक्स्टॉर्शन मामलों में वृद्धि की चेतावनी दी।

 यूनाइटेड स्टेट्स के राज्य केंटकी के रहने वाले 16 साल के बच्चे ने आत्महत्या कर ली है। इस बच्चे की आत्महत्या के पीछे का कारण AI है।

नाबालिग के माता-पिता को पता चला कि उसे धमकी भरे टेक्स्ट मैसेज मिल रहे थे, जिसमें उसकी AI-जेनरेटेड न्यूड इमेज को छिपाने के लिए 3,000 डॉलर की मांग की गई थी।

नाबालिग ने की आत्महत्या

न्यूडिफाई एप्स में AI टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन एप्स का तेजी से बढ़ रहा है। ये एप डिजिटल रूप से लोगों के कपड़े हटाते हैं या सेक्शुअल इमेज बनाते हैं।

केंटकी में 16 साल के एलिजा हीकॉक हजारों अमेरिकी नाबालिगों में से एक था, जिसे डिजिटल ब्लैकमेलिंग का शिकार बना गया। इस नाबालिग की आत्महत्या ने टेक प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को बढ़ावा दिया है।

न्यूड फोटो के लिए किया गया ब्लैकमेल

एलिजा हीकॉक के माता-पिता ने उनके बच्चे की मौत के बाद जब उसका फोन चेक किया, तब वे आत्महत्या की वजह जानकर हैरान रह गए।

अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए एलिजा हीकॉक के माता-पिता ने बताया कि टेक्स्ट मैसेज में हीकॉक को पैसे देने के लिए कहा गया था, नहीं तो एक AI-जेनरेटेड न्यूड फोटो उसके परिवार और दोस्तों को भेज दी जाएगी।

नाबालिग के पिता जॉन बर्नेट ने CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘जो लोग हमारे बच्चों के पीछे पड़े हैं, वे बहुत संगठित हैं। उनके पास बहुत पैसा है, और वे हार नहीं मानते।’

जॉन बर्नेट ने आगे कहा, ‘उनके पास असली फोटो होने की जरूरत नहीं है, वे जो चाहें बना सकते हैं और फिर वे इसका इस्तेमाल बच्चे को ब्लैकमेल करने के लिए करते हैं।’

14-17 साल के लड़कों को बनाया जा रहा निशाना

अमेरिकी जांचकर्ता इस मामले की जांच कर रहे हैं। ये मामला ऐसे समय में सामने आया है जब न्यूडिफाई एप्स जो मशहूर हस्तियों को निशाना बनाकर मशहूर हुए थे, अब बच्चों के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

FBI ने अमेरिकी नाबालिगों को निशाना बनाने वाले सेक्स्टॉर्शन मामलों में भयानक वृद्धि की सूचना दी है, जिसमें पीड़ित आमतौर पर 14 से 17 साल के लड़के होते हैं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस खतरे के कारण चौंकाने वाली संख्या में आत्महत्याएं हुई हैं।

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