हंसी-मज़ाक में पंत और बुमराह ने ऐसी बात कह दी कि मैदान पर बावुमा का मज़ाक उड़ाना भारी पड़ गया।

क्रिकेट को सज्जनों का खेल कहा जाता है, पर पिछले कुछ वर्षों में यह परिभाषा बार-बार चुनौती झेल रही है। पंत और बुमराह द्वारा टेम्बा बावुमा को लेकर की गई टिप्पणी इस गिरावट का एक और उदाहरण है।
सवाल यह नहीं कि मज़ाक था या नहीं; सवाल यह है कि क्या मज़ाक के नाम पर किसी खिलाड़ी की शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करने का अधिकार किसी को होना चाहिए? जब आप अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी टीम और देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, तब आपकी हर बात मूल्यांकन के दायरे में होती है।
स्टम्प माइक में कैद यह संवाद खिलाड़ियों की उस मानसिकता को भी दिखाता है, जिसमें “फनी” कहलाने के लिए संवेदनशीलता को किनारे लगाया जाता है। क्रिकेट बोर्डों, कोचों और वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस अवसर का उपयोग करना चाहिए और स्पष्ट संदेश देना चाहिए—कौशल जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण भाषा की शालीनता भी।
यदि खिलाड़ी इस पर ध्यान नहीं देंगे, तो खेल की खूबसूरती खोती चली जाएगी।
IND vs SA: भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत ने साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा के लिए एक ऐसी टिप्पणी की है जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हो रही है और उन्हें असंवेदनशील बताया है।
HighLights
- IND vs SA: बुमराह और पंत ने बावुमा को लेकर की अभ्रद टिप्पणी
- IND vs SA: कोलकाता में खेला जा रहा है पहला टेस्ट
- IND vs SA: पहले दिन का पहला सेशन भारत के नाम
इन दोनों ने बावुमा को बौना कह डाला। ये बात स्टम्प माइक में कैद हो गई। पंत और बुमराह की ये बातचीत इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और दोनों को जमकर कोसा जा रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर दोनों को गैरजिम्मेदाराना और संवेदनहीन बता रहे हैं।



