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भीड़ के बीच पुलिस बनी सहारा, महिलाओं-बुजुर्गों की मदद कर जीता दिल।

एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में सफल ट्रैफिक नियंत्रण, श्रद्धालुओं ने जताया आभार

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी! कैलादेवी/करौली नववर्ष 2026 का शुभारंभ भक्ति, आस्था और श्रद्धा के रंगों में डूबा दिखाई दिया। करौली जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ कैला देवी धाम में गुरुवार तड़के से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु परिवार सहित दूर-दूर के जनपदों, शहरों और गांवों से माता रानी के दर्शन करने पहुंचे, ताकि नए वर्ष की शुरुआत माता के चरणों में माथा टेककर हों और जीवन में सुख-शांति, समृद्धि तथा कल्याण की कामनाएँ पूरी हो सकें।सुबह होते-होते मंदिर परिसर, घाट क्षेत्र और मुख्य मार्ग भक्तों से पूरी तरह भर गए। पैदल चलने वालों, वाहनों और दर्शनार्थियों की कतारें इतनी बढ़ गईं कि कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। श्रद्धालु घंटों कतारों में खड़े होकर माता के जयकारे लगाते रहे जय माता दी… बोलो कैला माई की जय! और पूरा वातावरण भक्ति रस से सरोबार होता गया।

लेकिन इतनी बड़ी भीड़ के बीच सबसे बड़ी चुनौती थी ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। करौली जिला पुलिस ने इस चुनौती को न केवल स्वीकार किया बल्कि बेहतरीन समन्वय और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन भी किया।जिला एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में कैला देवी क्षेत्र में विशेष सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई थी। इसी के तहत पुलिस, RAC और प्रशासनिक टीमें लगातार सक्रिय रहीं।

इस दौरान कैलादेवी पुलिस RAC के हेड कांस्टेबल घमंडी लाल और कांस्टेबल प्रेमराज ने कड़ी मेहनत और अनुकरणीय सेवा भावना का परिचय दिया। भीड़ बढ़ने के साथ-साथ मौसम ने भी करवट ली और अचानक बारिश शुरू हो गई। जहाँ आम लोग बारिश से बचने के लिए जगह ढूँढते नज़र आए, वहीं ये दोनों जांबाज़ पुलिसकर्मी भीगते हुए भी अपने ड्यूटी पॉइंट पर डटे रहे।

बारिश के बीच फिसलन, भीड़ की धक्का-मुक्की तथा ट्रैफिक जाम का खतरा और बढ़ गया था। किंतु हेड कांस्टेबल घमंडी लाल और कांस्टेबल प्रेमराज ने शांत स्वभाव और बेहतर कुशलता के साथ ट्रैफिक को नियंत्रित रखा।उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित पार करवाया। दूर-दराज़ से आए माता के भक्तों को सही मार्ग बताते रहे।

और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु परेशान न हो। भीगते रहने के बावजूद उनकी सेवा भावना डिगी नहीं। इस दौरान उन्होंने भक्तों को मुस्कुराते हुए सहयोग भी दिया, जिससे व्यवस्था सहज और सुरक्षित बनी रही।स्थानीय लोगों और दर्शनार्थियों ने भी पुलिस के इस समर्पण को सराहा। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इतनी भीड़ के बाद भी अफरा-तफरी नहीं मची, इसका श्रेय पुलिस व्यवस्था को जाता है।”

नववर्ष जैसे अवसर पर जहां भीड़भाड़ में अक्सर अनहोनी की आशंका बनी रहती है, वहीं करौली पुलिस ने लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग और भीड़ नियंत्रण के माध्यम से स्थिति को पूर्णत: सुरक्षित रखा।जिले में गंभीर घटनाओं पर भी प्रभावी नियंत्रण रहा और प्रशासनिक प्रयास पूरी तरह सफल नज़र आए।

एसपी लोकेश सोनवाल के दिशा-निर्देशों के चलते ट्रैफिक डायवर्जन सफल रहा मंदिर परिसर में पैदल मार्ग सुव्यवस्थित रहा आपात स्थिति के लिए टीमें अलर्ट रहीं महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान रहा इसके साथ ही RSC टीम और स्थानीय पुलिस कर्मियों ने अनुशासन, संयम और सेवा की मिसाल पेश की।

नए वर्ष की पावन बेला पर यह तस्वीर इस बात का प्रमाण बनी कि जब पुलिस प्रशासन संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ काम करता है, तब धर्मस्थल केवल पूजा का केंद्र ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और संस्कारपूर्ण समाज का प्रतीक भी बन जाते हैं। माँ कैला देवी के जयकारों, भक्तिभाव और पुलिस की सशक्त व्यवस्था के बीच नववर्ष 2026 का स्वागत पूरे शांतिपूर्वक और गरिमापूर्ण ढंग से हुआ।

भक्तों ने माता रानी से यही प्रार्थना की सभी के जीवन में सुख, शांति और सद्भाव बना रहे।हमेशा ऐसी ही संवेदनशील व जनता की सेवा करने वाली पुलिस मिलती रहे।”कैला देवी धाम में इस वर्ष नववर्ष केवल मनाया नहीं गया…बल्कि आस्था, अनुशासन और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

 

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