राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग, पुलिस ने गढ़ी ‘सजावटी कहानी

राजसमंद में एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर सड़क का नाम बदलने को लेकर दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने पुलिस और परिवादी की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की है। जोधपुर बेंच के जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि संविधान से मिली कानूनी शक्तियों का उपयोग किसी को प्रताड़ित करने के औजार के रूप में नहीं होने दिया जाएगा।
HighLights
- कहा- संविधान से मिली कानूनी शक्तियों का उपयोग किसी को प्रताड़ित करने के लिए नहीं होने दिया जाएगा
- कोर्ट में चली वीडियो क्लिप तो बदल गया पूरा केस, हाईकोर्ट ने मामले पर की अहम टिप्पणी
राजसमंद में एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर सड़क का नाम बदलने को लेकर दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने पुलिस और परिवादी की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की है।
जोधपुर बेंच के जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि संविधान से मिली कानूनी शक्तियों का उपयोग किसी को प्रताड़ित करने के औजार के रूप में नहीं होने दिया जाएगा। कोर्ट ने पुलिस जांच को “सजावटी कहानी”बताते हुए कानून के दुरुपयोग की आशंका जताई।
मामले में 28 जनवरी को सुनवाई के दौरान तब नाटकीय मोड़ आया, जब कोर्ट में एक वीडियो क्लिप चलाई गई। वीडियो में साफ दिखाई दिया कि एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने वाला फरियादी ही कथित आरोपी को लात-घूंसों से पीट रहा है।
इस ‘लाइव सबूत’ के सामने आते ही आरोपी की गिरफ्तारी पर अड़े पुलिस अधिकारी को अपना रुख बदलना पड़ा। यह याचिका भरत कुमार दवे की ओर से दायर की गई थी।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने तथ्यों को चुनकर एकतरफा जांच की। याचिकाकर्ता द्वारा पहले दिए गए प्रतिवेदन को केवल फाइल में नत्थी कर दिया गया, उस पर कोई वास्तविक कार्रवाई नहीं हुई, जो पूर्वाग्रह को दर्शाता है।
कोर्ट ने सवाल उठाया कि सड़क नामकरण का विरोध कर रहा व्यक्ति नगर परिषद के जमादार को ही जातिगत गालियां क्यों देगा, जबकि उसका इस निर्णय से कोई अधिकारिक संबंध ही नहीं था।
एक ही घटना से जुड़ी दो एफआइआर पाए जाने पर हाई कोर्ट ने उनकी संयुक्त जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने और 16 फरवरी तक आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्थान के भाजपा विधायक बोले- नियंत्रित की जाए मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज
राजस्थान के भाजपा विधायक बालमुकुदांचार्य ने शुक्रवार को एक बार फिर मस्जिदों एवं मदरसों पर लगे लाउडस्पीकरों की तेज आवाज को नियंत्रित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकरों की आवाज को लगातार बढ़ाया जा रहा है। मस्जिदों एवं मदरसों की प्रत्येक मंजिल पर आठ से दस स्पीकर लगा दिए गए हैं। जानबुझकर तेज आवाज में बजाया जा रहा है।
बालमुकुंदाचार्य ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सबको अपने-अपने धर्म के हिसाब से पूजा पदति करने का अधिकार है, इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन, दूसरों को परेशान करने के मकसद से लाउडस्पीकर की आवाज तेज करना गलत है। अगर इस समस्या पर शीघ्र नियंत्रण नहीं किया गया तो लोग जयपुर की चाहरदीवारी को छोड़कर बाहर चले जाएंगे।
आगे कहा कि हमारी पूजा-प्रार्थना अथवा सत्संग होते हैं तो रात दस बजे माइक बंद करने को लेकर प्रशासन आदेश देता है लेकिन, मुस्लिम समाज द्वारा तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। तेज आवाज में लाउडस्पीकर के कारण बच्चों को पढ़ाई का नुकसान होता है। बीमार लोगों को परेशानी होती है। मालूम हो कि बालमुकुंदाचार्य ने यह मुददा गुरुवार को विधानसभा में भी उठाया था।
पुलिस हिरासत में बेरहमी से मारपीट और झूठे एनडीपीएस केस पर राजस्थान हाई कोर्ट सख्त
राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने प्रतापगढ़ में पुलिस हिरासत के दौरान बेरहमी से मारपीट और एक व्यक्ति को झूठे एनडीपीएस मामले में फंसाने के गंभीर आरोपों पर सख्ती दिखाई है। हाई कोर्ट की फटकार के बाद प्रतापगढ़ एसपी ने तत्काल प्रभाव से आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर एवं तत्कालीन एसएचओ दीपक बंजारा को निलंबित कर दिया है। साथ ही, मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जस्टिस फरजंद अली की अदालत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रतापगढ़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट को बिना किसी दबाव के जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
पीड़ित की ओर से सीनियर एडवोकेट धीरेंद्र सिंह और एडवोकेट राबिन सिंह ने पैरवी की। कोर्ट ने पीडि़त की चोटों के फोटो देखने के बाद पुलिस के व्यवहार को ‘जानवरों जैसा’ करार दिया था।यह याचिका 34 वर्षीय शाकिर शेख निवासी प्रतापगढ़ की है।
आरोप है कि एसएचओ दीपक बंजारा और उनकी टीम ने शाकिर के पिता अब्दुल हमीद शेख को हिरासत में लेकर जबरन घर में घुसकर बर्बरतापूर्वक प्रताडि़त किया और झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने के लिए फर्जी सुबूत गढ़े।
आरोपों के अनुसार, पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 59 और बीएनएस के तहत गंभीर धाराओं में उलझाने की कोशिश की, जिससे 10 वर्ष से अधिक की सजा का खतरा बन सके।
राजस्थान में असामाजिक तत्वों ने खंडित की शहीद काली बाइ और नाना भाई खांट की मूर्तियां
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र स्थित शहीद काली बाइ और नाना भाई खांट की मूर्तियों को असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। आदिवासी संगठनों व ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों ने इसे समाज की धरोहर और शहीदों के सम्मान का अपमान बताया है। पुलिस ने अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जानकारी के अनुसार ये मूर्तियां 19 जून 2022 को एक आदिवासी परिवार द्वारा स्थापित की गई थीं। गुरुवार रात अज्ञात लोगों ने मौके पर पहुंचकर मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया, जिससे वे खंडित हो गईं।
सुबह घटना सामने आने पर ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन और संगठनों को दी। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में आदिवासी संगठन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मूर्तियों की मरम्मत की मांग की।
सूचना पर चौरासी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। डूंगरपुर एसडीएम सोनू गुर्जर और सीमलवाड़ा एसडीएम विवेक गुर्जर भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
राजस्थान में चार लाख से अधिक भक्तों को परोसा गया 651 क्विंटल चूरमे का प्रसाद
राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीच कल्याणपुरा कुहाड़ा गांव में स्थित धार्मिक स्थल भैरूबाबा मंदिर में शुक्रवार को 17वां वार्षिकोत्सव एवं मेला आयोजित हुआ।
मेले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म पहुंचे। बिरला और बेढ़म ने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। मेले में चार लाख से अधिक भक्तों को 651 क्विंटल चूरमे और बाटी का प्रसाद वितरित किया गया। इतना क्विंटल चूरमा और बाटी बनाने के लिए जेसीबी मशीन और थ्रेसर की मदद ली गई।
आसपास के गांवों से पानी के टैंकर मंगवाए गए हैं। पहले मंदिर में भोग लगाया गया और फिर भंडारे में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम हुआ, जो पूरे दिन चला। मेले में राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।



