Rajasthan: राजस्थान बोर्ड परीक्षाएं कल से, 19.90 लाख विद्यार्थी देंगे परीक्षा; 6194 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

Rajasthan Board Exams: राजस्थान बोर्ड की 10वीं, 12वीं सहित अन्य परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। 19.90 लाख विद्यार्थी 6194 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। सीसीटीवी निगरानी, उड़नदस्ते और अभय कमांड सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं, 12वीं सहित अन्य परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी से प्रदेशभर में प्रारंभ होंगी। इस वर्ष कुल 19 लाख 90 हजार 57 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया है। परीक्षाओं का आयोजन राज्य के 6 हजार 194 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। बोर्ड प्रशासन ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी है।
विभिन्न परीक्षाओं में पंजीकृत विद्यार्थियों का विवरण
बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, इस वर्ष सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 10) में 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थी शामिल होंगे। सीनियर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12) के लिए 9 लाख 10 हजार 9 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। प्रवेशिका परीक्षा में 7 हजार 817 तथा वरिष्ठ उपाध्याय वर्ग में 4 हजार 122 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

नकल रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। उड़नदस्तों की तैनाती की गई है और विशेष जांच दल गठित किए गए हैं, जो औचक निरीक्षण करेंगे। इस वर्ष जिलों में अभय कमांड सेंटर से भी परीक्षाओं की मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
विद्यार्थियों के लिए दिशा-निर्देश
बोर्ड सचिव ने परीक्षार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और आवश्यक सामग्री साथ लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
समन्वय से होगा सफल संचालन
परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए शिक्षक, केंद्राध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं। बोर्ड प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षाएं शांतिपूर्ण वातावरण में बिना किसी बाधा के संपन्न हों और विद्यार्थियों को निष्पक्ष मूल्यांकन का अवसर मिले। ये परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।



