राजनीतिकराष्ट्रीय

भाजपा शीर्ष नेतृत्व से मिलने के बाद यूपी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें बढ़ीं।

भाजपा की नई रणनीति में साध्वी का नाम सबसे आगे

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच साध्वी निरंजन ज्योति का नाम अचानक सुर्खियों के केन्द्र में आ गया है। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी मुलाकात ने इस अटकल को और अधिक बल दिया है।

बुंदेलखंड की बेटी, सनातन की मुखर आवाज

हमीरपुर के सुमेरपुर ब्लॉक के छोटे से गांव मलिहाताला में जन्मी साध्वी निरंजन ज्योति का राजनीतिक और आध्यात्मिक सफर बेहद अद्भुत रहा है। 14 वर्ष की आयु में वैराग्य जागने के बाद उन्होंने सन्यास लिया और स्वामी अच्युतानंद से दीक्षा प्राप्त की। यही आध्यात्मिक पृष्ठभूमि उनके व्यक्तित्व का मजबूत आधार बनी।

राम मंदिर आंदोलन से बड़े मंच तक

1980 के दशक के उत्तरार्ध में साध्वी ऋतंभरा के साथ राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए साध्वी निरंजन ज्योति ने गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ा। उनकी वक्तृत्व कला, assertive नेतृत्व क्षमता और धार्मिक चेतना ने प्रदेश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में उन्हें अलग पहचान दिलाई।

राजनीतिक यात्रा—संघर्ष से उभार तक

2002 में पहली बार भाजपा के टिकट पर हमीरपुर सदर से विधायक बनने के बाद उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। 2014 और 2019 में फतेहपुर लोकसभा सीट से जीतकर वे संसद पहुंचीं और लगातार दो कार्यकाल तक केंद्र सरकार में विभिन्न मंत्रालयों में राज्यमंत्री रहीं।

संगठन में लंबा अनुभव

प्रदेश मंत्री, उपाध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय कार्यसमिति तक उनकी भूमिका हमेशा सक्रिय और प्रभावशाली रही। 2019 के अर्धकुंभ में उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि मिली, जिसके बाद उन्होंने देशभर में सत्संग और सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार को नया आयाम दिया। निषाद समाज में उन्हें बेहद सम्मानित नेतृत्वकर्ता माना जाता है।

क्यों बढ़ रहा है उनका नाम?

संगठनात्मक अनुभव, प्रदेशभर में गहरी पकड़, बुंदेलखंड-कानपुर-फतेहपुर और कौशांबी जैसे बड़े इलाकों में प्रभाव, और उनके ओबीसी समुदाय से होने का लाभ—ये सभी तत्व उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में मजबूत बना रहे हैं।
यदि भाजपा उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाती है, तो यह संगठनात्मक विस्तार और समाजिक समीकरणों के लिहाज से बड़ा कदम माना जाएगा।

Related Articles

Back to top button