बीकानेर में तेज धुंध के कारण स्लीपर बस ट्रेलर से टकरा गई। टकराने के बाद शॉर्ट सर्किट से बस में आग लगी और ऑटो लॉक हो गया।

बीकानेर में तेज धुंध के कारण स्लीपर बस ट्रेलर से टकरा गई। टकराने के बाद शॉर्ट सर्किट से बस में आग लगी और ऑटो लॉक हो गया। जिसके बाद इमरजेंसी गेट से 50 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
टक्कर के झटके से बस में तुरंत शॉर्ट सर्किट हुआ और आग भड़क उठी। आग फैलते ही बस का ऑटो लॉक सिस्टम काम कर गया, जिससे मुख्य दरवाजे बंद हो गए। ऐसे में यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन बस के ड्राइवर और स्टाफ ने शानदार सूझबूझ दिखाई। उन्होंने यात्रियों को शांत रखा और बस के पीछे बने बड़े इमरजेंसी गेट को खोलकर एक-एक करके सभी 50 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हादसे को लेकर क्या बोले हेड कांस्टेबल
हेड कॉन्स्टेबल बलवीर सिंह काजला ने बताया कि अगर बस में इमरजेंसी गेट नहीं होता तो यह हादसा बेहद जानलेवा साबित हो सकता था। आग लगने के बाद बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। इमरजेंसी गेट ने सभी की जान बचाई।
दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप
हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान पूरी स्लीपर बस जलकर खाक हो गई और यात्रियों का सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। बस ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रेफर कर दिया गया है। अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी की जान को खतरा नहीं है।
गौरतलब है कि यह बस नई थी और जैसलमेर बस हादसे के बाद बसों में इमरजेंसी गेट को अनिवार्य किए जाने के नियम के तहत इसमें पहले से ही बड़ा इमरजेंसी गेट लगा हुआ था। इसी गेट की वजह से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। तेज धुंध और ट्रक के अचानक रुकने को मुख्य कारण बताया जा रहा है।



