बदलते मौसम में बच्चों का रखें खास ध्यान, निमोनिया और Air Pollution से उखड़ रही सांस; देना पड़ रहा नेबुलाइजर

मौसम में बदलाव और वायु प्रदूषण के कारण आगरा में बच्चों में वायरल संक्रमण और निमोनिया बढ़ रहा है। सुबह की ठंड और दोपहर की धूप से तापमान में उतार-चढ़ाव बच्चों की सांस लेने की समस्या को बढ़ा रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट और नेबुलाइजर की आवश्यकता वाले गंभीर मरीज भर्ती हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और मधुमेह रोगियों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम में बदलाव से वायरल संक्रमण फैलने लगा है। सुबह गलन भरी सर्दी और दोपहर में तेज धूप से वायरल निमोनिया और वायु प्रदूषण से नलिकाओं में सिकुंडन से बच्चों की सांस उखड़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में गंभीर हालत में मरीज भर्ती हो रहे हैं।
आक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को रखने के साथ ही सांस नलिकाओं में सिकुड़न आने पर नेबुलाइजर देना पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के डा. नीरज यादव ने बताया कि सुबह का तापमान छह डिग्री सेल्सियस और दोपहर में 20 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने से वायरल संक्रमण फैल रहा है।
वायरल संक्रमण में समय से इलाज ना मिलने से बच्चे वायरल निमोनिया होने पर सांस लेने में परेशानी और तेज बुखार के साथ अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इन बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है, बच्चों को आक्सीजन सपोर्ट पर रखा जा रहा है।
इंडियन एकेडमी आफ पिडियाट्रिक्स आइएपी आगरा के उपाध्यक्ष डा. अरुण जैन ने बताया कि वातावरण में अति सूक्ष्म कण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रदूषक तत्व और अति सूक्ष्म कणों से बच्चों की सांस नलिकाओं मेंसूजन आ रही है। सांस लेने में परेशानी और बुखार आ रहा है, बच्चों को दिन में तीन से चार बार नेबुलाइजर देना पड़ रहा है।
इसके बाद आराम मिल रहा है। ठीक होने में चार से पांच दिन का समय लग रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. अतुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज और मधुमेह रोगियों को परेशानी हो रही है। बुजुर्ग मरीज वायरल निमोनिया की समस्या के साथ आ रहे हैं।
बच्चों में निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने पर सीटी की आवाज आना
- शरीर नीला पड़ जाना, बच्चा सुस्त हो जाना
- तेज बुखार आना
ये करें
- सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज, मधुमेह और हृदय रोगी सुबह और रात में टहलने ना जाएं, धूप निकलने पर ही टहलें
- ज्यादा प्रदूषित वाली जगह पर जाने से बचें, सांस रोगी मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं
- गर्म कपड़े पहनें और सर्दी से बचाव करें
- पौष्टिक आहार और शरीर को गर्माहट देने वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें
- ठंडा पानी की जगह गुनुगना पानी पी सकते हैं



