
कोलकाता टेस्ट भारतीय क्रिकेट की कमजोरियों का आईना लेकर आया। घरेलू पिच पर 124 रन का लक्ष्य नहीं पीछा कर पाना टीम इंडिया की तकनीक, मानसिकता और रणनीतियों पर बड़े सवाल खड़े करता है। 15 साल बाद दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी ही धरती पर हराया, जो यह दिखाता है कि टीम इंडिय़ा की वह पुरानी मजबूती अब उतनी पक्की नहीं रही।
सबसे गंभीर प्रश्न शुभमन गिल को लेकर उठे। एक प्रमुख बल्लेबाज का बिना वजह मैदान पर न उतरना किसी भी टेस्ट मैच की दिशा बदल सकता है। लेकिन टीम मैनेजमेंट की चुप्पी और भी निराशाजनक रही। पारदर्शिता की कमी ने फैसला विवादित बना दिया।
हार्मर की गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी को उजागर करती है—स्पिन पर अनिश्चितता और रक्षात्मक सोच। उन्हें गेम चेंजर का दर्जा मिलना बिल्कुल उचित है।
लगातार गिरते विकेट और लक्ष्य का बोझ दिखाता है कि टीम इंडिया को पुनर्गठन की जरूरत है। यह हार सिर्फ एक नतीजा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है।
मैच का सार
- भारत लक्ष्य: 124 रन
- नतीजा: भारत 30 रन से हार गया
- गेम चेंजर: हार्मर (SA)
- गिल बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे (कारण स्पष्ट नहीं)



