सुबह की रोशनी में वर्दी का काला सच सिकंदरा में रिश्वत की रफ्तार से कांपा सिस्टम!
“ईमानदारी को नीलाम करने वालों पर चला कानून का बुलडोज़र!”

हाइलाइट्स
सुबह की वसूली पर गिरी गाज दौसा SP सागर राणा ने रिश्वखोर कॉन्स्टेबल को किया सस्पेंड!
साहूपाड़ा रोड पर भ्रष्टाचार का सूरज उगते ही ढल गया विभागीय जांच के आदेश जारी।
इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी । दौसा/सिकंदरा सुबह 5:30 बजे का वक्त था जब ज्यादातर लोग भगवान का नाम ले रहे थे,पुलिस वाले नोट गिन रहे थे।साहूपाड़ा रोड पर सुबह सिर्फ वाहन नहीं चल रहे थे, बल्कि भ्रष्टाचार की परेड निकल रही थी। वर्दी की आड़ में “वसूली का कारोबार” खुलेआम चल रहा था, और सिस्टम बस चुपचाप तमाशा देख रहा था। सुबह का सन्नाटा, पर नोटों की सरसराहट गूंज रही थी,जब गांव के लोग खेतों की ओर निकल रहे थे, तभी सड़क किनारे एक कॉन्स्टेबल खड़ा था जो हर ट्रकटर ट्रॉली, जुगाड़, पिकप, रोकता, बात करता,और फिर गाड़ी आगे बढ़ जाती… मगर जेब थोड़ी भारी हो जाती। ग्रामीणों ने कहा “यह रोज़ का सिलसिला है, वर्दी अब सिर्फ पहचान नहीं, परमिट बन गई है। कुछ लोग वर्दी संभालते हैं, कुछ उसे बेचते हैं फर्क यही सिस्टम को तोड़ता है सिकंदरा के इस एक रास्ते ने पूरे सिस्टम की रीढ़ दिखा दी। जहां ईमानदार अफसर अपनी जान दांव पर लगाकर जनता का भरोसा बचाने की कोशिश करते हैं, वहीं कुछ वर्दीधारी लोग अपने लालच से उस भरोसे को रोज़ लहूलुहान कर रहे हैं। भ्रष्टाचार अब छिपता नहीं, खुलेआम ड्यूटी करता है।”
थानों में सरकारी तनख्वाह के साथ नहीं, ‘अवैध वाहनों रेट लिस्ट’ चल रही है! सूत्र बताते हैं कि हर वाहन पर तय रेट है लकड़ी पर अलग, बजरी पर अलग। किस ट्रक को कितनी रकम देनी है, यह सब ‘पहले से फिक्स’ होता है। पुलिस की चेकिंग अब सिस्टम नहीं, कारोबार बन चुकी है। जिसे लोग कभी “कानून का डर” कहते थे, अब वो “भुगतान की दर” बन गया है।
SP सागर राणा का सख्त रुख “वर्दी में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”-
क्राइम इंडिया टीवी द्वारा जैसे ही यह मामला SP ऑफिस तक पहुंचा, SP सागर राणा ने देर न करते हुए संबंधित कॉन्स्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश जारी कर दिए। वर्दी जनता की सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है,इसे कलंकित करने वालों के लिए पुलिस विभाग में कोई जगह नहीं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” अपनाई जाएगी, जो भी पुलिसकर्मी अवैध वसूली में लिप्त पाया गया, उसे तुरंत लाइन हाजिर कर दिया जाएगा। कुछ ही घंटों में SP सागर राणा के पास यह शिकायत पहुंच गई। इसके बाद जो हुआ, वह पूरे जिले के लिए “संदेश” बन गया।
कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू –
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल को सस्पेंड करने के बाद विभागीय जांच अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है। अब यह जांच यह पता लगाएगी कि क्या यह रिश्वतखोरी किसी नेटवर्क का हिस्सा थी या अकेले कॉन्स्टेबल की करतूत। सूत्रों के मुताबिक, SP ने सिकंदरा थाने के अन्य स्टाफ को भी चेतावनी दी है कि अगर आगे कोई भी वसूली, वर्किंग लीक या मिलीभगत मिली तो सीधी कार्रवाई होगी।
ईमानदार अफसरों ने ली राहत की सांस- SP राणा की सख्ती के बाद अब थाने के अंदर भी संदेश साफ है“ईमानदारी पर चलो, वरना दरवाज़ा बाहर का खुला है।” कई ईमानदार पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह कार्रवाई “वर्दी का सम्मान बचाने” वाली है। हम चाहते थे कोई बड़ा अफसर बोले, और आज दौसा SP ने वो कर दिखाया जो अक्सर सिर्फ कहा जाता है।”
गांववालों ने कहा ‘अब भरोसा लौटा है – स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लोगों ने कहा कि जब जनता बोलती है और प्रशासन सुनता है, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है। अब गांव के लोग कह रहे हैं हम SP साहब का आभार मानते हैं, जिन्होंने सुबह की वसूली पर शाम तक सजा सुना दी।



