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परशुराम सेना जयपुर संभाग की पूरी कार्यकारिणी भंग, बड़े पुनर्गठन का ऐलान।

मीत गौतम का बड़ा फैसला: जयपुर, दौसा, सीकर सहित 7 जिलों की इकाइयां भंग।

परशुराम सेना जयपुर संभाग की समस्त कार्यकारिणी भंग, बड़े पुनर्गठन की तैयारी।

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी जयपुर। परशुराम सेना राजस्थान संगठन में एक बड़ा और निर्णायक प्रशासनिक कदम उठाते हुए प्रदेशाध्यक्ष मीत गौतम ने जयपुर संभाग की समस्त कार्यकारिणियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक दाधीच के निर्देशानुसार संगठन को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई है।

इस निर्णय के तहत जयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों — जयपुर, बहरोड़-कोटपुतली, खैरथल-तिजारा, सीकर, झुंझुनूं, दौसा और अलवर — की जिला, ब्लॉक, तहसील और नगर स्तर की सभी प्रकोष्ठीय कार्यकारिणियां भंग मानी जाएंगी। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि संगठनात्मक पुनर्गठन और मजबूती के लिए उठाया गया है।

प्रदेशाध्यक्ष मीत गौतम ने कहा कि पिछले कुछ समय से संगठन के विस्तार और अनुशासन को लेकर कई सुझाव व शिकायतें सामने आ रही थीं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया ताकि संगठन को नई ऊर्जा, नए नेतृत्व और नई दिशा दी जा सके। उन्होंने कहा कि परशुराम सेना केवल एक संगठन नहीं बल्कि समाज की आवाज है और इसे मजबूत व एकजुट रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस पूरे पुनर्गठन अभियान की जिम्मेदारी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयपुर संभाग प्रभारी जितेन्द्र कुमार मिश्रा को सौंपी गई है। मिश्रा, जो दौसा जिले के बसवा (बड़ा बाजार) निवासी हैं, को पूर्व की भांति जयपुर संभाग के सभी जिलों में परशुराम सेना के विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए नए जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकारिणी गठित करने हेतु अधिकृत किया गया है।

संगठन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुनर्गठन प्रक्रिया पूरी तरह से संगठनात्मक नियमों, योग्यता और कार्यक्षमता के आधार पर की जाएगी। पुराने पदाधिकारियों को भी पुनः आवेदन व चयन का अवसर मिलेगा, ताकि योग्य और सक्रिय कार्यकर्ताओं को आगे लाया जा सके।

परशुराम सेना नेतृत्व का मानना है कि इस कदम से संगठन में पारदर्शिता बढ़ेगी, जमीनी स्तर पर सक्रियता आएगी और समाज से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा। आने वाले दिनों में संभाग स्तर से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक नए नेतृत्व की घोषणा की जाएगी।

इस फैसले के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई है और कई युवा व सामाजिक कार्यकर्ता नए सिरे से संगठन में जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आ रहे हैं। परशुराम सेना ने यह संकेत भी दिए हैं कि जल्द ही एक बड़ा संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर नए पदाधिकारियों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

कुल मिलाकर, जयपुर संभाग की कार्यकारिणी भंग करना परशुराम सेना के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिससे संगठन को नई दिशा, नई ताकत और समाज में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

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