सुबह की खाश खबरेंसुबह के प्रमुख समाचार

रहठा में प्रशासन की कार्रवाई: अतिक्रमण बताकर मकान ध्वस्त, 60 साल से रह रहे परिवार ने जताई बेबसी

करकेली जनपद क्षेत्र के ग्राम रहठा में शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए एक पुराने मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन के अनुसार मकान शासकीय भूमि पर बना था, जबकि परिवार का कहना है कि वे पिछले 60 वर्षों से वहीं रह रहे थे और लीज या स्वामित्व पाने के लिए वर्षों से प्रयासरत थे।

प्रशासन की कार्रवाई

तहसीलदार करकेली के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला, नौरोजाबाद पुलिस बल और महिला सुरक्षा बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
मौके पर आराजी क्रमांक 433/3, रकबा 0.336 हेक्टेयर के अंश रकबा 0.020 हेक्टेयर पर बने मकान को अतिक्रमण बताकर ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

परिवार का पक्ष

मकान मालिक नरेश काछी ने बताया कि उनका परिवार लगभग छह दशकों से इसी जगह पर रह रहा है।
उन्होंने कहा, “हमने मेहनत-मजदूरी कर कर्ज लेकर यह मकान बनाया था। अब सब उजड़ गया। नोटिस अचानक दिया गया और आपत्ति का समय भी नहीं मिला।”
परिवार के मुताबिक वे लगातार तहसील और राजस्व विभाग के दफ्तरों में आवेदन देते रहे, ताकि भूमि का लीज स्वामित्व मिल सके, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

कार्रवाई के बाद की स्थिति

मकान ढहने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
गाँव के लोगों ने भी इस कार्रवाई को “अचानक” बताया और कहा कि इतने पुराने निवास को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था दी जानी चाहिए थी।

प्रशासन का पक्ष

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शासन के निर्देशों के तहत की गई है और यह भूमि सरकारी रकबा है।
तहसील प्रशासन का कहना है कि “कानूनी रूप से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया का पालन किया गया है।”

निष्कर्ष

रहठा गाँव में यह कार्रवाई अब चर्चा का विषय बन गई है।
जहाँ एक ओर प्रशासन इसे कानून का पालन बता रहा है, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवार अपने पुनर्वास और न्याय की मांग कर रहा है।

Related Articles

Back to top button