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सुप्रीम कोर्ट ने भूटान के टॉप कोर्ट से किया एमओयू, क्या है उद्देश्य?

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट ने भूटान की शीर्ष अदालत के साथ युवा विधि पेशेवरों के आदान-प्रदान के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत, भूटान के दो विधि क्लर्कों को तीन महीने के लिए भारतीय सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया जाएगा, जिन्हें भारतीय क्लर्कों के समान मानदेय और यात्रा व्यय मिलेगा। यह पहल न्यायिक सहयोग और दोनों देशों के संस्थागत संबंधों को मजबूत करेगी।

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HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने भूटान की शीर्ष अदालत से एमओयू किया।
  2. युवा विधि पेशेवरों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाया जाएगा।
  3. भूटान के दो विधि क्लर्क भारत में नियुक्त होंगे।

 भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भूटान की शीर्ष अदालत के साथ युवा विधि पेशेवरों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।

इस समझौते के तहत, भूटान से दो विधि क्लर्कों को यहां सुप्रीम कोर्ट में तीन महीने की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। उन्हें भारतीय विधि क्लर्कों के समान मानदेय मिलेगा और उनके यात्रा व्यय का खर्च सुप्रीम कोर्ट उठाएगा।

सीजेआई ने क्या कहा?

खचाखच भरे न्यायालय कक्ष में विधि क्लर्कों का परिचय कराते हुए मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें युवा और प्रतिभाशाली बताया और कहा कि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न न्यायालयों में काम करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न्यायिक सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच संस्थागत संबंधों को बढ़ाने के उद्देश्य से है।

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