सुनील रावत का यह कार्य न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पुलिस सेवा की साख का प्रतीक है।

सोनभद्र से प्रेरक उदाहरण: आरक्षी सुनील रावत ने साइबर अपराध से 10 लाख रुपये दिलाए वापस, बने “कॉप ऑफ द मंथ”
सोनभद्र। बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जनपद सोनभद्र से एक मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है। चोपन थाना क्षेत्र में तैनात आरक्षी सुनील कुमार रावत को साइबर फ्रॉड से पीड़ित लोगों की सहायता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और एक हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया, साथ ही माह अक्टूबर के लिए “कॉप ऑफ द मंथ” घोषित किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरक्षी सुनील रावत ने अपने तकनीकी ज्ञान, त्वरित प्रतिक्रिया और समर्पण के बल पर साइबर ठगी के शिकार 42 लोगों की सहायता की। उन्होंने समय रहते ₹10,02,027 की राशि को होल्ड करवाकर पीड़ितों के खातों में वापस कराया। यह जनपद में साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, सुनील रावत ने 50 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज या सीज कराने में भूमिका निभाई तथा आईटी एक्ट से संबंधित मामलों की विवेचना में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके प्रयासों से कई महत्वपूर्ण साइबर अपराधों पर अंकुश लगाया जा सका।
पुरस्कार वितरण समारोह में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। एसपी वर्मा ने कहा कि आरक्षी सुनील रावत की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत गौरव है बल्कि पूरे जनपद पुलिस के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सुनील रावत के कार्यों को दर्शाने वाला फोटो और विवरण जनपद के सभी थानों में प्रदर्शित किया जाए ताकि अन्य पुलिसकर्मी भी प्रेरणा ले सकें।
जनपद के नागरिकों ने भी इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि जब पुलिस तत्पर और तकनीकी रूप से सशक्त हो, तो कोई भी अपराधी अधिक समय तक छिप नहीं सकता।
आरक्षी सुनील रावत की यह उपलब्धि न केवल साइबर अपराध नियंत्रण में एक अहम कदम है बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक भी है।



