जमीनी स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया का मूल्यांकन करने के लिए संभागीय आयुक्त ने खुद दौरा किया और मतदाताओं से घर-घर मिलकर तथ्य जुटाए।

उदयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर गुरुवार को संभागीय आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी स्वयं फील्ड में उतरीं। उन्होंने पुलां और शोभागपुरा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं से संवाद किया, एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी दी और लोगों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया समझाई।
सुश्री केवलरमानी ने मौके पर मौजूद बीएलओ और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनरीक्षण कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जाए तथा कोई भी पात्र नागरिक सूची में अपना नाम दर्ज करवाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ‘‘निर्वाचन प्रक्रिया का आधार सटीक मतदाता सूची होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की चूक अस्वीकार्य है।’’
इस दौरान बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी और संबंधित बीएलओ भी साथ रहे। संभागीय आयुक्त ने गणना प्रपत्र (Form-1A) के महत्व को बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को इसे ध्यानपूर्वक भरना चाहिए ताकि मतदाता सूची अद्यतन और सटीक बन सके।
गुरुवार को जिले के सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण करते नजर आए। वहीं विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में ईआरओ (Electoral Registration Officer) भी सक्रिय रूप से पुनरीक्षण कार्य की निगरानी कर रहे थे।
झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र में ईआरओ कपिल कोठारी ने कंथारिया और कोचला पंचायतों का दौरा कर घर-घर गणना प्रपत्र वितरण की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संभागीय आयुक्त के इस दौरे को मतदाता जागरूकता के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे जनता में मतदान प्रक्रिया के प्रति विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़ेंगे।



