प्रशासनिक लापरवाही

उदयपुर: रिजल्ट में गड़बड़ी और स्कूटी वितरण में देरी, कॉलेज की छात्राओं ने प्रिंसिपल को चैम्बर में किया बंद

उदयपुर के मीरा गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं ने परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितता और स्कूटी वितरण में देरी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रिंसिपल को उनके चैंबर में बंद कर दिया और कॉलेज का गेट भी बंद कर दिया। छात्राओं ने प्रिंसिपल पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। छात्राएं अपनी मांगों पर कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रही हैं।

HighLights

  1. छात्राओं ने प्रिंसिपल को चैंबर में बंद कर विरोध प्रदर्शन किया।
  2. परीक्षा परिणाम में अनियमितता और स्कूटी वितरण में देरी पर आक्रोश।
  3. पुलिस ने हस्तक्षेप कर कॉलेज का मुख्य गेट खुलवाया।

संभाग के सबसे बड़े सरकारी मीरा गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को छात्राओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितता और मेधावी छात्राओं को मिलने वाली स्कूटी वितरण योजना में लापरवाही को लेकर नाराज छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

गुस्साई छात्राओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को उनके चैंबर में ही बंद कर दिया और कॉलेज का मुख्य गेट भी बंद कर दिया। इसके बाद छात्राएं प्रिंसिपल चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गईं और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

छात्राओं का आरोप: अपमानजनक भाषा का प्रयोग

छात्राओं का कहना है कि जब वे शांतिपूर्वक अपनी समस्याएं लेकर प्रिंसिपल के पास गईं तो उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। छात्राओं के अनुसार प्रिंसिपल ने कहा, ‘तुम सब बीमारी हो, कटपुतली हो।’

एबीवीपी की छात्रा नेता सुमन कुंवर ने बताया कि प्रिंसिपल का व्यवहार छात्राओं के प्रति बेहद खराब है और वे लगातार अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं।

रिजल्ट में धांधली और रिवेल फीस का आरोप

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष किरण वैष्णव ने कहा कि हाल ही में बीए और बीएससी सेकंड व फोर्थ सेमेस्टर के परिणाम घोषित हुए, जिनमें कई विषयों में बड़ी संख्या में छात्राओं को फेल कर दिया गया।

छात्राओं का आरोप है कि बाद में रिवेल के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाते हैं। साथ ही हर साल फीस बढ़ाई जा रही है, जबकि कॉलेज में गरीब और आदिवासी क्षेत्र की छात्राएं पढ़ती हैं।

छात्राओं ने मेधावी छात्राओं के लिए आई स्कूटियों के वितरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि स्कूटियां तीन साल बाद भी नहीं दी गईं, जिससे योग्य छात्राएं लाभ से वंचित हैं।

पुलिस ने खुलवाया गेट, स्थिति हुई नियंत्रित

स्थिति बिगड़ते देख हाथीपोल थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने समझाइश कर कॉलेज का मेन गेट और प्रिंसिपल चैंबर खुलवाया।

इस दौरान प्रिंसिपल और छात्राओं के बीच तीखी बहस भी हुई। छात्राओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।

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