राजस्थान के मेवाड़ यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की मान्यता पर बवाल, 30 कश्मीरी समेत 33 विद्यार्थी निलंबित

मेवाड़ यूनिवर्सिटी ने बीएससी नर्सिंग के 33 विद्यार्थियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें 30 कश्मीरी छात्र शामिल हैं। वे यूनिवर्सिटी परिसर में धरने पर बैठे हैं क्योंकि उनके नर्सिंग कोर्स को अभी तक राजस्थान और इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता नहीं मिली है। छात्रों का कहना है कि बिना मान्यता के उनकी डिग्री वैध नहीं होगी, जिससे उनका पंजीकरण और नौकरी खतरे में है।
HighLights
- मेवाड़ यूनिवर्सिटी ने 33 नर्सिंग छात्रों को निलंबित किया।
- छात्र नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर विरोध कर रहे।
- बिना मान्यता डिग्री और नौकरी खतरे में, छात्रों का आरोप।
राजस्थान के मेवाड़ यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग फाइनल ईयर के 30 कश्मीरी समेत कुल 33 विद्यार्थियों को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबित के बाद से विद्यार्थी यूनिवर्सिटी परिसर में धरने पर बैठे हैं। आरोप है कि बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए यूनिवर्सिटी ने राजस्थान नर्सिंग काउंसिल और इंडियन नर्सिंग काउंसिल से अब तक मान्यता नहीं ली है।
मान्यता के बिना उनकी डिग्री वैध नहीं मानी जाएगी, जिससे उनका पंजीकरण और नौकरी दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। आरोप है कि इससे पहले 2024 में भी विद्यार्थियों ने इसी मुद्दे पर विरोध किया था। उस समय यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कोर्ट में लिखित आश्वासन दिया था कि चार दिसंबर 2024 तक मान्यता नहीं मिलने पर विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी में शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
धरने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस दौरान छात्रों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
गंगरार थानाधिकारी श्यामाराम ने बताया कि विद्यार्थी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि इस विवाद से केवल 33 नहीं, बल्कि 50 से ज्यादा विद्यार्थी प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



