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EVM के जरिए नहीं हो सकती वोट चोरी, CM उमर बोले- ‘SIR को लेकर चिंता जायज, दूर करे EC’

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईवीएम से वोट चोरी की आशंका को नकार दिया है। उन्होंने ‘SIR’ को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग …और पढ़ें

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HighLights

  1. उमर अब्दुल्ला ने ईवीएम से वोट चोरी नकारी
  2. ‘SIR’ को लेकर चिंता जताई
  3. चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण का आग्रह

 जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाया जाता है, लेकिन मैं मानता हूं कि उनमें आप छेड़खानी नहीं कर सकते और न उनके जरिये वोट चोरी हो सकते हैं, लेकिन चुनाव को अन्य तरीके से प्रभावित किया जा सकता है। एसआइआर को लेकर राजनीतिक दलों की चिंता जायज है और इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, ताकि पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

बुधवार को पत्रकार वार्ता में उमर ने एसआइआर के बहाने जम्मू-कश्मीर में तीन वर्ष पहले हुए परिसीमन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भी एक चुनावी हेरफेर ही था, जो एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था। यह भी एक इलेक्शन मैनिपुलेशन था।

शायद इसीलिए एसआइआर को लेकर कुछ चिंताएं हैं। मालूम हो कि जम्मू संभाग के लोगों की मांग पर जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत वर्ष 2022 में परिसीमन किया गया था। इसमें जम्मू संभाग में छह और कश्मीर संभाग में एक सीट बढ़ाई गई थी।

श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस सीट विवाद पर उन्होंने कहा कि मामले को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है, जो सर्वथा अनुचित है।

अगर आप धर्म के आधार पर सीटें बांटना चाहते हैं, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आप वहां आवंटित जमीन की कीमत चुकाएं। आप मिलने वाले अनुदान लेना बंद करें। अपना स्टेटस बदलें और एक अल्पसंख्यक संस्थान के रूप में सामने आएं।

इसके बाद अगर आप धर्म के आधार पर सीटें बांटना चाहते हैं, तो करें; आपको कौन रोक सकता है? लेकिन अब तक, आपने नीट परीक्षा को स्वीकार किया है, और नीट में आप सिर्फ काबिलियत और मेरिट देखते हैं।

अगर कोई छात्र योग्यता के आधार पर दाखिले से वंचित हो जाता है तो आप इसके लिए किसी और को कैसे दोषी ठहरा सकते हैं? बता दें कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मेडिकल कालेज में 50 में से 45 सीटें मुस्लिम छात्रों को देने का मामला गर्माया हुआ है।

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