राजस्थान का अब तक का सबसे बड़ा निवेश घोटाला XPO.RU ने 3100 करोड़ की ठगी!
सरकार-प्रशासन पर सवाल: इतनी बड़ी ठगी चलती रही, किसी को भनक क्यों नहीं?

लालच का जाल: MLM एजेंटों ने गांव-गांव फैलाया ठगी का नेटवर्क।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क मनोज कुमार सोनी जयपुर/राजस्थान में अब तक का सबसे बड़ा कथित निवेश घोटाला सामने आया है। भरतपुर पुलिस ने XPO.RU कंपनी द्वारा की गई 3100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया है। यह घोटाला राजस्थान के इतिहास में दर्ज सभी पुराने फ्रॉड्स को पीछे छोड़ चुका है। हजारों लोगों की खून-पसीने की कमाई एक क्लिक में हड़प ली गई। पुलिस के हाथ बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सुराग लगे हैं।
कंपनी ने खुद को विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म बताकर हाई रिटर्न का झांसा दिया। 6 महीने में पैसा डबल करने के नाम पर लोगों के सपनों का सौदा किया गया। MLM एजेंट्स बनाकर गांव-गांव जाल फैलाया गया। शुरुआत में छोटे-छोटे मुनाफे देकर लोगों को भरोसा दिलाया गया। निवेशकों को रेफरल और बोनस का लालच दिया गया।
सबसे ज्यादा प्रभाव शेखावाटी और भरतपुर क्षेत्र में देखा गया। भरतपुर जिले में लगभग 1200 करोड़ का निवेश डूबा बताया जा रहा है। झुंझुनूं, चूरू और सीकर में करीब 1500 करोड़ रुपये लगाए गए। अलवर, जयपुर और दौसा में भी कंपनी ने तेजी से नेटवर्क फैलाया। पुलिस का कहना है कि कई स्थानीय नेताओं और प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। कई पैसा उगाने वाले एजेंट लग्जरी लाइफ जी रहे थे। क्रिप्टो और डिजिटल करेंसी के जरिए पैसा विदेशों में ट्रांसफर किया गया। मुख्य आरोपी भारत छोड़कर फरार हो चुके हैं।
कंपनी ने विदेशी सर्वर का उपयोग किया जिससे पैसा ट्रैक करना मुश्किल है। ईडी और साइबर क्राइम टीम भी जांच में शामिल हो सकती है। कई बैंक अकाउंट सीज किए जा चुके हैं। पुलिस ने क्रिप्टो वॉलेट्स ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़ित निवेशकों में दहशत का माहौल है। लोग पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। एक किसान ने बताया— “बेटी की शादी के लिए रखे 8 लाख लगे थे, अब सब खत्म… मर जाऊं क्या?” एक महिला ने कहा— “पेंशन और जेवर बेचे थे… घर में खाने को भी नहीं बचा…
सरकार और सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है— “इतना बड़ा खेल चलते हुए भी सरकार सोई रही।” घोटाले को लेकर कई अहम सवाल — कंपनी बिना पंजीकरण कैसे चलती रही? बैंकों और रेगुलेटरी एजेंसियों को खबर क्यों नहीं? क्या भ्रष्ट अधिकारियों की मदद मिली? अगर समय रहते कार्रवाई होती तो नुकसान इतना बड़ा नहीं होता।
राजस्थान में डिजिटल फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे चुके हैं जल्दी अमीर बनने वाली स्कीमें अक्सर जाल होती हैं। बिना लाइसेंस कंपनियों पर भरोसा न करें। निवेश से पहले वास्तविकता जांचें। XPO.RU घोटाला सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं, चेतावनी है कि साइबर फ्रॉड अब बेहद मजबूत, संगठित और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली हो चुका है। पुलिस की कार्रवाई अभी शुरुआती स्तर पर है। असली कड़ियां अभी खुलनी बाकी हैं।
सरकार ने पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस का दावा— “रकम वापस दिलाने के हर प्रयास होंगे।” लेकिन विशेषज्ञ रिकवरी की संभावना को बेहद कम मानते हैं क्योंकि पैसा क्रिप्टो चैनलों में गायब हो चुका है। हजारों परिवार बर्बाद, सपने चकनाचूर अब सवाल यह कि आखिर कब तक राजस्थान के लोग ऐसी ठगी का शिकार होते रहेंगे? इस बार सिस्टम को दोषियों को बचने नहीं देना चाहिए। दोषी चाहे कितने भी बड़े हों — जनता की गाढ़ी कमाई हर हाल में वसूल होनी चाहिए।



