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राजस्थान: सड़क हादसे में उजड़ा पूरा परिवार, एक साथ निकली 5 अर्थियां

राजस्थान के पाली जिले के भावनगर गांव में एक हृदय विदारक घटना हुई, जब गुजरात के मेहसाणा में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव पहुंचे।
HighLights

  1. गुजरात सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्य मृत
  2. राजस्थान के भावनगर गांव में एक साथ उठीं पांच अर्थियां
  3. कुमावत परिवार की तीन पीढ़ियों का दुखद अंत, गांव में शोक

राजस्थान के पाली जिले के भावनगर गांव में रविवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। गुजरात के मेहसाणा जिले के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद जब उनके पार्थिव शरीर गांव पहुंचे, तो पूरा इलाका शोक में डूब गया। एक ही आंगन में एक साथ सजीं पांच अर्थियों ने गांव वालों को भीतर तक झकझोर दिया। गांव में शोक की स्थिति इतनी गहरी है कि किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। हर चेहरा गमगीन और हर आंख नम है।

खुशी से लौट रहा था परिवार, रास्ते में उजड़ गई दुनिया

यह हादसा उस समय हुआ जब कुमावत परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था। परिवार पाली जिले के मनिहारी गांव में बहन के मायरा की रस्म निभाने गया था। वहां से सभी सदस्य अहमदाबाद दूसरी बहन के मायरा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे।

लेकिन किसे पता था कि यह यात्रा उनकी आखिरी साबित होगी। शनिवार तड़के गुजरात के मेहसाणा जिले के उनावा क्षेत्र के पास उनकी मिनीवैन अचानक नियंत्रण खो बैठी और डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई।

इन पांच जिंदगियों पर थम गई सांस

इस भीषण दुर्घटना में रामलाल कुमावत, कोमल कुमावत, कैलाशभाई कुमावत, चार वर्षीय मासूम आयुष कुमावत और बुजुर्ग मथुरादेवी कुमावत की मृत्यु हो गई। एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों का एक साथ यूं चले जाना हर किसी के लिए असहनीय पीड़ा बन गया।

प्रशासन और पुलिस ने पहुंचकर बंधाया ढांढस

हादसे की सूचना मिलते ही पाली प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम विमलेंद्र राणावत सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भावनगर गांव पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।

रविवार को जैसे ही पांचों शव गांव पहुंचे, माहौल और भी ज्यादा गमगीन हो गया। कुछ ही देर बाद गांव वालों ने एक साथ पांचों अर्थियां उठाईं। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। छोटे आयुष की अर्थी देख कई लोग खुद को संभाल नहीं पाए।

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