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राजपुर बड़ा में चुनावी विवाद के बाद तनाव, दीपावली से पहले बाजार बंद, 17 गिरफ्तार।

बंद दुकानों और सन्नाटे के बीच सामान्य जनजीवन प्रभावित।

ब्यूरो चीफ मनोज कुमार सोनी | अलवर/राजगढ़।दीपावली नजदीक है, लेकिन अलवर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के राजपुर बड़ा गांव में त्योहार की तैयारियों के बजाय तनाव और अनिश्चितता का माहौल दिखाई दे रहा है। आमतौर पर दीपावली से पहले बाजारों में खरीदारी की चहल-पहल रहती है, दुकानदारों के चेहरे पर रौनक होती है और घरों में त्योहार की तैयारियां जोर पकड़ती हैं। इसके उलट राजपुर बड़ा में बाजारों के बंद शटर और सूनी गलियां गांव के बदले हुए हालात की तस्वीर पेश कर रही हैं। चुनावी विवाद के बाद पैदा हुए तनाव का असर अब आम ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है।

गांव में दुकानें बंद रहने से लोगों को सब्जी, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी में परेशानी उठानी पड़ रही है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की मुश्किलें बढ़ी हैं। ग्रामीणों के घरों से कम निकलने और बाजारों में सामान्य आवाजाही नहीं होने की स्थिति ने त्योहार की रौनक को फीका कर दिया है।

मतगणना पर सवालों से शुरू हुआ विवाद

राजपुर बड़ा में पंचायत चुनाव के बाद मतगणना को लेकर विवाद सामने आया। ग्रामीणों और चुनाव में पराजित पक्ष की ओर से मतों की संख्या में अंतर होने का आरोप लगाया गया। आरोप के मुताबिक मतदान के दौरान 4,019 वोट पड़ने की जानकारी थी, जबकि मतगणना में करीब 3,700 वोट बताए गए। इस आधार पर 319 वोटों के कथित अंतर को लेकर सवाल उठाए गए।

ग्रामीणों ने मतगणना प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए दोबारा मतदान कराने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, वोटों की वास्तविक संख्या और कथित अंतर की पुष्टि निर्वाचन विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

31 अक्टूबर को बिगड़े हालात, पुलिस पर हुआ पथराव

चुनावी विवाद के बीच 31 अक्टूबर को विरोध-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान पुलिस पर पथराव और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की घटना सामने आई। घटनाक्रम में डीएसपी देशराज कुलदीप सहित कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की। इस घटनाक्रम ने गांव की कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी।

अलवर पुलिस के 2 नवंबर के अपडेट के अनुसार, इस प्रकरण में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई।

इसके बावजूद गांव के बाजारों और सामान्य गतिविधियों को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों को इंतजार है कि हालात जल्द सामान्य हों, दुकानें फिर से खुलें और लोग बिना किसी आशंका के अपने दैनिक कामकाज पर लौट सकें।

राजपुर बड़ा का घटनाक्रम प्रशासन के लिए केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एक ओर पुलिस पर पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की ओर से उठाई गई चुनावी शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण भी महत्वपूर्ण है।

मतदान और मतगणना के आंकड़ों को लेकर उठे सवालों पर निर्वाचन विभाग को आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे न केवल शिकायतों की वास्तविकता सामने आएगी, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों के मन में पैदा हुई आशंकाओं का समाधान भी हो सकेगा।

साथ ही पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कानून के दायरे में कार्रवाई करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न हो और ग्रामीणों का प्रशासन पर भरोसा कायम रहे।

त्योहार के इस समय बाजारों का बंद रहना व्यापारियों के कारोबार के साथ-साथ आम परिवारों की जरूरतों को भी प्रभावित कर रहा है। गांव में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना, व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा देना और ग्रामीणों से संवाद स्थापित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

राजपुर बड़ा के लोग अब शांति बहाली और सामान्य माहौल लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सवाल यह है कि प्रशासन गांव में भय और तनाव का माहौल खत्म करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और चुनावी विवाद से जुड़े सवालों का समाधान कब तक सामने आता है।

पुलिस पर हमले की घटनाओं में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं मतगणना संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोकतंत्र में कानून का सम्मान और जनता का विश्वास, दोनों जरूरी हैं। राजपुर बड़ा में दीपावली की रौनक लौटाने के लिए प्रशासन को सुरक्षा के साथ भरोसा बहाली की दिशा में भी प्रभावी पहल करनी होगी।

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