तू कौन है, देख लूंगा और बाहर मैदान में आओ… राजस्थान में भटकी विकास की ‘दिशा’, बैठक बनी अखाड़ा

डूंगरपुर जिला परिषद सभागार में ‘दिशा’ बैठक के दौरान डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच तीखी बहस हुई। केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद व्यक्तिगत आरोपों और धमकियों में बदल गया। आसपुर विधायक उमेश डामोर ने भी माहौल भड़काया। लगभग 20 मिनट तक अफरा-तफरी रही, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने संभाला। यह घटना राजस्थान में राजनीतिक तनाव को दर्शाती है।
HighLights
- डूंगरपुर में ‘दिशा’ बैठक में सांसदों में तीखी बहस हुई।
- राजकुमार रोत और मन्नालाल रावत केंद्रीय योजनाओं पर भिड़े।
- बैठक में 20 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
लोकतंत्र की बुनियाद संवाद और सहमति पर टिकी होती है, लेकिन सोमवार को राजस्थान में डूंगरपुर जिला परिषद सभागार में ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक ने इस सिद्धांत को कठघरे में खड़ा कर दिया।
जिले के विकास की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक उस समय अखाड़े में बदल गई, जब डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत (बीएपी) और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत (भाजपा) के बीच तीखी बहस हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई।
चढ़ा सियासी पारा
बैठक की शुरुआत सुबह 11 बजे शांतिपूर्ण ढंग से हुई। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के बाद जैसे ही जलदाय विभाग के मुद्दे आए, सियासी पारा चढ़ गया। सांसद मन्नालाल रावत ने आपत्ति जताई कि बैठक में केवल केंद्र सरकार की योजनाओं की समीक्षा होनी चाहिए, न कि राज्य या स्थानीय मुद्दों की। इस पर बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद राजकुमार रोत भड़क गए और कहा कि वह अध्यक्ष हैं तथा जनता से जुड़ा हर मुद्दा इसी मंच पर उठेगा।



