चोरी और ठगी से परेशान सर्राफा कारोबारी — दुकानों पर लगे नोटिस, चेहरा दिखाना अनिवार्य।
सर्राफा एसोसिएशन एक्टिव — सुरक्षा के लिए खुला चेहरा अनिवार्य, बाजार में लगी नई गाइडलाइन।

झांसी में बढ़ते अपराधों पर सर्राफा व्यापारियों का बड़ा फैसला, नकाब-बुर्का पहनकर आने वालों को गहने नहीं बेचे जाएंगे, दुकानों पर लगाए गए पोस्टर….?
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटलट डेस्क, मनोज कुमार सोनी। झांसी! सोने-चांदी के बाजार में लगातार बढ़ रही चोरी और ठगी की घटनाओं के बीच झांसी के सर्राफा व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के ज्यादातर सर्राफा व्यवसायियों ने फैसला किया है कि अब नकाब, घूँघट या बुर्का पहनकर आने वाले ग्राहकों को गहने नहीं बेचे जाएंगे। व्यापारियों का कहना है कि दुकान में प्रवेश करते समय ग्राहक का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई देना अनिवार्य होगा।
इस निर्णय को औपचारिक रूप देने के लिए सर्राफा व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से बातचीत की। सहमति बनने के बाद दुकानों के बाहर नोटिस और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें साफ लिखा है कि “चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को सेवा नहीं दी जाएगी।” व्यापारियों का कहना है कि कई बार अपराधी नकाब पहनकर आते हैं और पहचान छिपाकर वारदात को अंजाम दे देते हैं, जिससे पुलिस जांच भी कठिन हो जाती है।
सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सोने-चांदी के गहनों का कारोबार बहुत संवेदनशील होता है और प्रतिदिन लाखों-करोड़ों का लेन-देन होता है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद चेहरा न दिखने के कारण अपराधी पकड़ में नहीं आ पाए। इसी वजह से यह निर्णायक कदम उठाना पड़ा।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय किसी धर्म या समुदाय को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया, बल्कि पूरी तरह सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लागू किया गया है। उनका कहना है कि यदि कोई ग्राहक धार्मिक कारणों से चेहरा ढके हुए आता है, तो दुकान के अंदर सुरक्षित स्थान पर पहचान सुनिश्चित कर चेहरे को एक क्षण के लिए दिखाने के बाद ही लेन-देन किया जाएगा।
उधर, पुलिस अधिकारियों ने भी व्यापारियों की इस पहल का समर्थन किया है। उनका कहना है कि खुले चेहरे से पहचान आसान होती है और अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है। पुलिस ने सभी दुकानदारों को हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरे लगाने और फुटेज को नियमित रूप से सुरक्षित रखने की सलाह भी दी है।
कुछ ग्राहकों ने इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि यदि इससे अपराध कम होते हैं तो यह व्यवस्था सही है। वहीं कुछ लोगों ने इसे निजी स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सवाल भी उठाए, लेकिन व्यापारियों का तर्क है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना पहचान के महंगे गहनों की बिक्री संभव नहीं है।
फिलहाल झांसी के प्रमुख सर्राफा बाजारों — सदर, मनियाखेड़ा, ओरछा गेट और आसपास के क्षेत्रों में यह नियम लागू कर दिया गया है। आने वाले दिनों में अन्य शहरों के व्यापारी भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं।



