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ब्रज बचाओ अभियान: रोहित मलान बोले- असामाजिक तत्वों पर हो कार्रवाई, मांस-मदिरा पर लगे रोक।

‘मर जाऊंगा लेकिन हटूंगा नहीं’ — ब्रजभूमि की पवित्रता के लिए रोहित मलान की कठिन तपस्या।

ब्रजभूमि को मांस-मदिरा मुक्त करने की मांग को लेकर 21वीं दंडवत परिक्रमा जारी।


 संतों, कथा वाचकों और सरकार से अपील,ब्रज की आवाज़ बने रोहित मलान की दंडवत यात्रा।


वृंदावन। ब्रजभूमि की धार्मिक और सांस्कृतिक पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से युवा सनातनी रोहित मलान पिछले पांच माह से कठोर तपस्या और दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं। उन्होंने 1 जनवरी 2026 से वृंदावन धाम की 21 दंडवत परिक्रमा का संकल्प लिया था। भगवान की कृपा से अब तक वे 20 परिक्रमाएं पूर्ण कर चुके हैं और वर्तमान में उनकी 21वीं एवं अंतिम दंडवत परिक्रमा जारी है।
रोहित मलान ने बताया कि उन्होंने 11 परिक्रमाएं सात्विक भोजन के सहारे तथा 9 परिक्रमाएं केवल जल और फल ग्रहण कर पूर्ण कीं। वहीं अंतिम परिक्रमा वे केवल जल के सहारे कर रहे हैं। उनका कहना है कि 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है और स्वास्थ्य लगातार कमजोर होता जा रहा है, लेकिन वे अपने संकल्प से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
रोहित मलान का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा से मुक्त कराना है। उनका मानना है कि ब्रजभूमि भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली और सनातन संस्कृति की आत्मा है, इसलिए यहां मांस और मदिरा की बिक्री धार्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि ब्रज क्षेत्र में मांस और मदिरा से जुड़े लाइसेंसों की समीक्षा कर आवश्यक कठोर कदम उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रज क्षेत्र की पवित्रता को कुछ असामाजिक तत्व नुकसान पहुंचा रहे हैं। रोहित मलान का आरोप है कि साधु-संतों का वेश धारण कर कुछ लोग धार्मिक स्थलों और परिक्रमा मार्गों पर गलत गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
रोहित मलान ने संत समाज, कथा वाचकों, धार्मिक संगठनों और ब्रज भक्तों से भी इस विषय को व्यापक स्तर पर उठाने की अपील की है, ताकि यह आवाज सरकार तक पहुंच सके। उनका कहना है कि ब्रज केवल एक क्षेत्र नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है और इसकी धार्मिक गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद रोहित मलान का संकल्प अटल बना हुआ है। उनका कहना है कि वे ब्रजभूमि की पवित्रता, गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के सम्मान के लिए अपनी अंतिम सांस तक संघर्ष करने को तैयार हैं। उनका विश्वास है कि यदि संत समाज, श्रद्धालु और प्रशासन एकजुट होकर प्रयास करें तो ब्रज क्षेत्र की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

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