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अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा, कोर्ट में याचिका स्वीकार

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह के माध्यम से दायर याचिका को सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने राजस्थान पुरातत्व विभाग, केंद्रीय मानव संसाधन विकास और पर्यटन मंत्रालयों को नोटिस जारी किए हैं।

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HighLights

  1. अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया।
  2. सिविल कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर नोटिस जारी किए।
  3. राजस्व दस्तावेज पेश कर मंदिर होने का दावा किया।

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार की ओर से सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह के जरिए सिविल कोर्ट में दायर याचिका को सोमवार को सुनवाई करते हुए स्वीकार कर लिया गया। परमार और एपी सिंह ने बताया कि न्यायालय ने राजस्थान सरकार के आर्कियोलाजी डिपार्टमेंट, केंद्र के मानव संसाधन विकास मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 21 फरवरी को रखी है।

शिव मंदिर संबंधित दस्तावेज पेश किए गए दस्तावेज

याचिका में दरगाह के अंदर शिव मंदिर होने के दावे से संबंधित राजस्व दस्तावेज पेश किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या, काशी, संभल, सोमनाथ की तरह ही आक्रांताओं ने पृथ्वीराज चौहान की नगरी अजमेर में स्थित महादेव मंदिर को नष्ट कर यहां दरगाह बना दी गई।

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