छत्तीसगढ़ DMF घोटाला: रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा गिरफ्तार, करोड़ों की कमीशनखोरी का आरोप

छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है। उन्हें विशेष न्यायालय ने 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
HighLights
- रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार
- ईओडब्ल्यू ने 500 करोड़ रुपये के घोटाले में की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये के जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने सोमवार को रिटायर्ड आइएएस अनिल टुटेजा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि टुटेजा 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में भी आरोपित हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष दर्ज डीएमएफ प्रकरण की गहन जांच में टुटेजा के खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं।
करीबी लोगों को दिलाया करोड़ों का काम
जांच में प्राप्त डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के बयानों से स्पष्ट हुआ है कि टुटेजा ने अपने प्रभाव का उपयोग कर चहेते व्यक्तियों और फर्मों को करोड़ों के कार्य दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने रिश्तेदारों के माध्यम से विभिन्न फर्मों से मोटा कमीशन लेकर डीएमएफ मद के कार्य आवंटित किए।
बता दें कि राज्य को प्राप्त होने वाली खनिज रायल्टी में से एक निश्चित हिस्सा डीएमएफ के लिए रखा जाता है, जो कि खनन प्रभावित लोगों के विकास में खर्च किया जाता है। इसी राशि में घोटाले को अंजाम दिया गया।



