क्राइम इंडिया टीवी | ब्यूरो रिपोर्ट | जयपुर/लखनऊ सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर प्रतिष्ठित व्यक्तियों की पहचान का दुरुपयोग करने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) डॉ. रामकृष्ण (आर.के.) स्वर्णकार के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर कथित रूप से एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल संचालित किए जाने का मामला सामने आया है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद डॉ. स्वर्णकार ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संबंधित प्रोफाइल उनकी आधिकारिक प्रोफाइल नहीं है और आमजन उससे किसी भी प्रकार का संपर्क या विश्वास न करें। साथ ही उन्होंने संकेत दिया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
वायरल हो रही तस्वीरों में डॉ. स्वर्णकार के नाम और फोटो का उपयोग कर बनाई गई फेसबुक आईडी दिखाई दे रही है। ऐसे मामलों में अक्सर फर्जी प्रोफाइल का उपयोग लोगों को भ्रमित करने, व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने या आर्थिक धोखाधड़ी जैसे अपराधों के लिए किया जाता है।गौरतलब है कि डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार वर्ष 1996 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ऐसे वरिष्ठ अधिकारी के नाम का दुरुपयोग होना साइबर सुरक्षा और डिजिटल पहचान संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अधिकारी, जनप्रतिनिधि या सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति के नाम से बनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को सत्यापित किए बिना स्वीकार करना या उस पर भरोसा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि कोई संदिग्ध प्रोफाइल दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर अपराध प्रकोष्ठ को दी जानी चाहिए।
क्राइम इंडिया टीवी की अपील: सोशल मीडिया पर सतर्क रहें, सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें और फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रखें।