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कौन थीं मशहूर कथावाचक प्रेम बाईसा? उलझी मौत की गुत्थी, 6 महीने पुराना विवाद भी आया सामने

राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट ने संदेह गहरा दिया है। आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल समेत कई लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की है। उनके पिता ने गलत इंजेक्शन से मौत का दावा किया, जबकि समर्थक आश्रम और पिता पर सवाल उठा रहे हैं।

 राजस्थान की मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक ऐसा पोस्ट साझा किया गया, जिसके बाद उनकी मौत संदेह के घेरे में है। आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) नेता हनुमान बेनीवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों और प्रेम बाईसा के अनुयायियों ने साध्वी रहस्यमयी मौत को लेकर सीबीआई जांच की मांग की है।

दरअसल, प्रेम बाईसा की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाईसा के पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य व्यक्ति बुधवार शाम 5:45 बजे उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रेम बाईसा की मौत को लेकर समर्थक उनके पिता और जोधपुर स्थित आश्रम पर सवाल उठा रहे हैं। देर रात ही पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम के बाहर बड़ी संख्या में साध्वी के समर्थक जमा हो गए और उनकी के मौत के कारणों की जांच की मांग करने लगे। वहीं, साध्वी के पिता का कहना है कि मौत गलत इंजेक्शन से हुई है।

इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौत के बाद का पोस्ट

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक ऐसा पोस्ट साझा किया गया, जिसमें में लिखा था, “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया, दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली।”

साध्वी के अकाउंट पर आगे लिखा गया,”मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं और पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है, मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।”

मौत के बाद के इस पोस्ट ने साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को संदेह के घेरे में डाल दिया है।

कहां की रहने वाली थीं साध्वी प्रेम बाईसा?

साध्वी प्रेम बाईसा मूल रूप से बालोतरा जिले के परेऊ गांव की रहने वाली थीं। साध्वी के पिता विरमनाथ पेशे से ट्रक ड्राइवर थे और उनकी माता अमरू बाईसा साधारण गृहणी थी। मां कि मौत के बाद पिता विरमनाथ बचपन में प्रेम बाईसा को जोधपुर स्थित गुरुकृपा आश्रम ले गए। जहां- प्रेम बाईसा को राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के सानिध्य में कथा वाचन और भजन के साथ आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

पैतृक गांव में बनाया आश्रम

प्रेम बाईसा जब भागवत कथा और भजन गायन के लिए होने लगीं मशहूर होने लगी तो वह गुरुकृपा आश्रम से अलग होकर जोधपुर में पाल रोड के पास साधना कुटीर आश्रम में रहने लगीं। उनके इस आश्रम के उद्घाटन में बाबा रामदेव सहित देश के कई प्रमुख साधु संत आए थे।

साध्वी प्रेम बाईसा ने अपना आश्रम पैतृक गांव परेउ में बनाया है, जहां पर समय समय पर भागवत कथा समेत विभिन्न आयोजन किए गए। लेकिन गांव में परिजनों के साथ जमीन विवाद को लेकर उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया था।

छह महीने पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। वीडियो में साध्वी और उनके पिता के गले लगने पर सवाल खड़े किए गए थे।जिस पर साध्वी ने आपत्ति जताई थी।

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