2021 से 2025 के बीच देश में ब्रेस्ट कैंसर के मामले 13% बढ़े, कौन सा कैंसर सबसे ज्यादा जान ले जा रहा है?

राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि 2025 तक भारत में स्तन कैंसर के मामलों और मौतों में 13% की वृद्धि का अनुमान है, जो 2.40 लाख नए मामलों तक पहुंच जाएगा। अंडाशय कैंसर में मृत्यु दर सर्वाधिक (61%) है। बिहार और छत्तीसगढ़ में कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई है। सरकार 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की स्क्रीनिंग पर जोर दे रही है ताकि शुरुआती पहचान और उपचार से जीवन बचाया जा सके।
HighLights
- 2025 तक स्तन कैंसर के मामलों में 13% वृद्धि का अनुमान।
- अंडाशय कैंसर में सर्वाधिक 61% मृत्यु दर दर्ज की गई।
- सरकार 30+ महिलाओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर दे रही जोर।
देश में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कैंसर एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। राज्यसभा में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़े इसकी भयावहता को बयां करते हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों और इससे होने वाली मौतों में करीब 13% की चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2025 में ब्रेस्ट कैंसर के नए मामलों का आंकड़ा 2.40 लाख के पार पहुंचने का अनुमान है, जो देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।
कौन सा कैंसर साबित हो रहा सबसे घातक
हालांकि, आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मृत्यु दर के मामले में ‘ओवेरियन कैंसर’ (अंडाशय का कैंसर) सबसे अधिक घातक साबित हो रहा है, जिसकी मृत्यु दर लगभग 61% है। इसके बाद सर्वाइकल कैंसर में मृत्यु दर 54% और ब्रेस्ट कैंसर में 43% आंकी गई है।
किस राज्य में सबसे ज्यादा केस?
बिहार और छत्तीसगढ़ में तेजी से पैर पसार रही बीमारी राज्यों की स्थिति पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में कैंसर के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। वहीं, बिहार और छत्तीसगढ़ में कैंसर का ग्राफ सबसे तेजी से बढ़ा है। इन दो राज्यों में नए मामलों में लगभग 21-22% और मौतों के आंकड़ों में करीब 20% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बेहद चिंता का विषय है।
30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की स्क्रीनिंग पर जोर
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लगाने के लिए सरकार 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की अनिवार्य स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दे रही है, ताकि समय रहते उपचार शुरू कर जीवन बचाया जा सके।
विश्व स्तर पर भी ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। और सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि समय पर स्क्रीनिंग और उपचार से इस कैंसर से बचाव या जीवन बचाना काफी संभव है।



