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SDM काजल मीणा सहित 3 गिरफ्तार: रीडर के बैग से 4 लाख की संदिग्ध नकदी बरामद।

जमीन की फाइनल डिक्री के बदले रिश्वत खेल, ACB ने किया खुलासा।

ब्यूरो मनोज कुमार सोनी राजस्थान के करौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नादौती की उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में उनके रीडर दिनेश सैनी और वरिष्ठ सहायक (यूडीसी) प्रवीण धाकड़ को भी टीम ने पकड़ लिया। एसीबी की टीम ने कार्रवाई के दौरान प्रवीण धाकड़ के बैग से न सिर्फ 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की, बल्कि करीब 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में इसे अवैध वसूली से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर एसीबी चौकी को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि जमीन की फाइनल डिक्री (तकसीम) जारी करने के बदले एसडीएम की ओर से रिश्वत मांगी जा रही है।

पहले एक लाख रुपये की मांग की गई, जिसे बाद में 50 हजार पर तय किया गया। जांच में सामने आया कि रीडर ने 50 हजार रुपये एसडीएम के लिए और 10 हजार रुपये स्वयं के लिए तय किए थे।

शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप प्लान तैयार किया। 16 अप्रैल 2026 को परिवादी को नादौती उपखंड कार्यालय बुलाया गया। जैसे ही रिश्वत की राशि दी गई, एसीबी टीम ने मौके पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में यह भी सामने आया कि रीडर द्वारा ली गई राशि क्लर्क को सौंप दी गई थी।

बताया जा रहा है कि काजल मीणा की यह दूसरी पोस्टिंग थी और उन्होंने अक्टूबर 2025 में नादौती में कार्यभार संभाला था। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पूरी कार्रवाई एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

गौरतलब है कि हाल ही में बारां जिले में भी एसीबी ने एक सहायक अभियंता को लाखों रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था, जिससे साफ है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।

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