निलंबित लाइसेंस के बावजूद बिकती रहीं मिठाइयां, 74 दिन बाद CMHO-II पर गिरी गाज; डॉ. मनीष मित्तल एपीओ।
करोड़ों की खाद्य सुरक्षा कार्रवाइयों का नेतृत्व करने वाले अधिकारी पर अब खुद विभाग का एक्शन।

काजू कतली का नमूना असुरक्षित मिलने के बाद शुरू हुआ मामला, स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची शिकायत;
30 अक्टूबर को दुकान सीज, अब अधिकारी पर कार्रवाई।

जयपुर। मिठाई की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े केसर स्वीट्स मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जयपुर के CMHO-II डॉ. मनीष मित्तल को एपीओ कर दिया है। केसर स्वीट्स की काजू कतली का नमूना जांच में असुरक्षित पाए जाने के बाद भी समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मामला विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया। इस पूरे प्रकरण में नमूना लेने से लेकर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होने तक 74 दिन का समय लगा।
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया कि प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद दुकान से मिठाइयों की बिक्री जारी रही। इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जयपुर के सीएमएचओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के बाद 30 अक्टूबर को दुकान सीज की गई।
काजू कतली का नमूना लेने से लेकर डॉ. मनीष मित्तल को एपीओ किए जाने तक 74 दिन का समय लगा। इस दौरान नमूने की जांच रिपोर्ट, लाइसेंस निलंबन, दुकान से बिक्री जारी रहने की शिकायत और प्रतिष्ठान को सीज करने जैसी कार्रवाई हुई। मामले में कार्रवाई की गति और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डॉ. मित्तल के नेतृत्व में इस वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई बड़ी कार्रवाई भी की थीं। फरवरी में खो-नागोरियान क्षेत्र के एक गोदाम से अमूल ब्रांड के 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के एक्सपायरी उत्पाद जब्त किए गए थे। वहीं मई में मुहाना मंडी में करीब 10 टन खराब फल और एक्सपायरी खजूर नष्ट कराए गए थे।
ऐसे में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में पहले बड़ी कार्रवाइयों का नेतृत्व कर चुके अधिकारी का एपीओ होना भी चर्चा का विषय बन गया है।
इस पूरे प्रकरण ने खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था, लाइसेंस निलंबन के बाद प्रतिष्ठानों पर नियंत्रण और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि विभागीय जांच में कार्रवाई में देरी और लाइसेंस निलंबन के बावजूद मिठाइयों की बिक्री जारी रहने के लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है।



