अरुणाचल में चीन के 50 KM अंदर घुसने का दावा निकला फर्जी, भारतीय सेना ने खोली दुष्प्रचार की पोल।
झूठ, छह संदिग्ध अकाउंट्स सेना के रडार पर अरुणाचल में भारतीय सेना की हार का दावा बेबुनियाद, पाकिस्तान प्रायोजित अकाउंट्स पर उठे सवाल।


नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के भारतीय सीमा में 50 किलोमीटर तक घुसपैठ कर कब्जा करने के वायरल दावे को भारतीय सेना ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सेना ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जवानों की हार और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के भारतीय क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। सेना के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सुनियोजित तरीके से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर सीमा की स्थिति को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई।
एक जैसे पोस्ट, छह संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट।
भारतीय सेना के फैक्ट चेक हैंडल के अनुसार, 6 नवंबर को दोपहर 3:06 बजे से 7 नवंबर की सुबह 1:46 बजे तक छह एक्स (X) अकाउंट्स से एक जैसी सामग्री प्रसारित की गई। इनमें @SongWeilonzob1, @letmehandleyou1, @_Finding_sarah, @DarkReal09, @War_Updates5 और @sumit_sarkr शामिल हैं। सेना ने इन अकाउंट्स को संदिग्ध पाकिस्तान प्रायोजित अकाउंट्स बताते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए भारतीय सेना के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा था। इन पोस्ट्स में एक जैसे वीडियो और मिलती-जुलती भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
पुराने वीडियो को नया बताकर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार।
सेना ने बताया कि इससे पहले भी कई बार पुराने और असंबंधित वीडियो को भारत-चीन सीमा विवाद से जोड़कर भ्रामक दावे किए गए हैं। कर्नाटक के देवनाहल्ली में आतंकवाद विरोधी मॉक ड्रिल के वीडियो को चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय जवानों की तलाशी के रूप में दिखाया गया। इसी तरह कजाकिस्तान की स्पेशल फोर्सेज के सैन्य अभ्यास को भारत-चीन संघर्ष का दृश्य बताकर प्रसारित किया गया। सिक्किम के नाथू ला और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े कुछ अन्य वीडियो के साथ भी भ्रामक दावे किए गए।
सीमा सुरक्षा को लेकर सेना का स्पष्ट संदेश।
सेना ने साफ किया है कि अरुणाचल प्रदेश में 50 किलोमीटर तक चीनी घुसपैठ या भारतीय क्षेत्र पर कब्जे का वायरल दावा गलत है। सेना ने इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी टैग किया है।
भारतीय सेना ने नागरिकों से अपील की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा से जुड़े संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट को बिना पुष्टि साझा न करें। किसी भी खबर या वीडियो की सत्यता आधिकारिक स्रोतों से जांचने के बाद ही उस पर विश्वास करें। सेना के मुताबिक, गलत सूचनाओं के जरिए जनता का भरोसा कमजोर करने और देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।



